
नमस्कार
स्वागत है आपका डार्क सीक्रेट्स ऑफ़ कवर्धा में. विगत दिनों लेने देन के आरोप जिस तरह शहर के एक प्रतिष्ठित निष्ठावान कांग्रेस के पूर्व पार्षद पर लगाए गए और व्यक्तिगत रूप से छबि को धूमिल करने के प्रयास पर व्यक्ति विशेष पत्रकार एक समाज का प्रमुख की संदिग्ध भूमिका दिखाई दी पत्रकारिता के जगत में अत्यंत निंदनीय कृत्य प्रतीत हुआ।
जिस तरह से उक्त पत्रकार द्वारा अपने स्वार्थ के लिए लेन देन और मारपीट की झूठे प्लान तैयार किया गया और क्रियान्वित करने की पूरी कोशिश की, मीडिया साथियों को अपने पद का धोस दिखाकर जबरन समाचार प्रकाशित कराने की बातें कर, एक समाज विशेष की लड़ाई को व्यक्तिगत मामले में करार किया, शहर समाज को अपने परोसे गए झूठ से दूषित किया ऐसे व्यक्ति सह पत्रकार सह समाज प्रमुख को कवर्धा शहर नही अपितु पूरे जिले से बायकॉट कर देना चाइए।
आइए समझते है पूरा मामला : व्यक्ति विशेष सह पत्रकार सह समाज प्रमुख के इर्द गिर्द आखिर क्यों है पूरा मामला ? दरसल बात शुरू हुई विगत 3 माह पूर्व श्रमजीवी संघ के सदस्य पत्रकार द्वारा अपने साथी महिला पत्रकार कर्मी के साथ छेड़छाड़ के मामले में आरोप सिद्ध हुआ था | जिसकी खबर एसपी पीआरओ के माध्यम से जिले के आला कलम कारों के मोबाइल पर भेजी गई थी| संज्ञान लेते हुए खबर को प्राथमिकता से प्रकाशित करने का काम यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ़ एशिया के फाउंडर के द्वारा किया गया था |
जिस पर व्यक्ति विशेष सह पत्रकार द्वारा यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ़ एशिया के फाउंडर को द्वेस पूर्ण कार्यवाही करते हुए श्रमजीवी पत्रकार संघ से और जिला प्रेस तरफ से निष्कासित किया जाता है ऐसी खबरों का प्रकाशन विभिन्न वेब पोर्टल मीडिया माध्यमों से कराया था | जिससे उनकी मंशा स्पष्ट हो गई थी और शहर के लोग यह जान चुके थे के आरोपी पत्रकार को बचाने के लिए उनके रिश्तेदार व्यक्ति विशेष सह पत्रकार सह समाज प्रमुख द्वारा आरोपी को कवर देने के लिए और सिर्फ ओछी मानसिकता के साथ इस प्रकार के कृत्य किए जा रहे हैं | साथ ही साथ यू एन ए के फाउंडर विगत 2011 से अपनी तकनीकी शिक्षा के बाद से ही जिले के आला पत्रकार साथी मीडिया कर्मी भाइयों को वेब पोर्टल और नवीन मीडिया प्रसारण माध्यमों को तैयार करके देते रहे हैं जब यू एन ए अपने सफलता के शिखर पर धीरे-धीरे पहुंचने लगा और लोगों के मन में अच्छी खबरों के लिए जगह बनाने लगा। व्यक्ति विशेष सह समाज प्रमुख सह पत्रकार के द्वारा यूनाइटेड न्यूज ऑफ एशिया के फाउंडर के खिलाफ की गई इस प्रकार की जबरन कार्यवाही यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ़ एशिया के प्रति उनकी द्वेष भावना को दिखाता है। इसके विपरीत दी जबरन की गई कार्यवाही पर यू एन ए के फाउंडर के द्वारा अपनी सफलता के स्वाद को बरकरार रखते हुए बिना किसी द्वेस के अपने काम पर ही ध्यान देते रहे | ओछी मानसिकता के व्यक्ति विशेष सह पत्रकार सह समाज प्रमुख को किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया उनके द्वारा आज पर्यंत तक नहीं दी गई।
व्यक्ति विशेष सह पत्रकार सह समाज प्रमुख के द्वारा फिर शुरू हुआ व्हाट्सएप ग्रुप से रिमूव करने का खेल : यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ़ एशिया फाउंडर के द्वारा काम के प्रति अपनी लगन अपने खबरों की सत्यता और प्रकाशन लगातार जारी रही | खबरों के प्रकाशन के बाद क्योंकि स्थानीय जनों को खबरों को परोसने का एक बेहतर विकल्प विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप है जिस पर लगभग सारे मीडिया कर्मी साथी अपनी अपनी खबरों को प्रसारित करते हैं ठीक ऐसा ही यू एन ए भी कई सारे व्हाट्सएप ग्रुप पर अपनी खबर को प्रसारित करता है जिस पर व्यक्ति विशेष सहपत्रकार सह समाज प्रमुख को यह भी हजम नहीं हुआ और फिर लगभग 50 से अधिक ग्रुपों से यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ़ एशिया के फाउंडर के व्हाट्सएप नंबर को रिमूव रिमूव करने का खेल शुरू किया लेकिन जिसके बाद भी यूनाइटेड न्यूज ऑफ एशिया ने कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी।
व्यक्ति विशेष सह पत्रकार सह समाज प्रमुख अब और ज्यादा गुस्से में : – व्यक्ति विशेष का इतने से ही मन नहीं भरा तब फिर उन्होंने अपने समाज में हुए भूमि पूजन कार्यक्रम की चर्चा परिचर्चा को मानने से इनकार करते हुए और सामाजिक भवन के मुद्दों को व्यक्तिगत रूप से लेते हुए समाज के वरिष्ठ संतोष नामदेव जो कि पूर्व पार्षद है और लगातार विगत 30 वर्षों से उनका परिवार कांग्रेस के कर्मठ सिपाही की तरह विपक्ष से लेकर आज सत्ता शासन तक आम जनों की सेवा में लगे हुए हैं | उनको व्यक्तिगत रूप से टारगेट करते हुए उनकी छवि को भी धूमिल करने का प्रयास किया उक्त पूरे मामले पर नपे तुले शब्दों में बात करने वाले नगर पालिका में अपनी मजबूत पकड़ और स्वच्छ छवि से जाने वाले संतोष नामदेव को उनके भतीजे हरीश नामदेव के आपसी लेनदेन के मुद्दों को टारगेट करते हुए झूठे आरोपों में फंसाने के लिए मीडिया माध्यमों से तरह-तरह की खबरें प्रकाशित कराकर उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप में डालना उन्हें समाज के ग्रुप में समाज के व्यक्तिगत लोगों तक पहुंचाना इस तरह की संदिग्ध भूमिका और मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति विशेष सह पत्रकार सह समाज प्रमुख ने किया।
देखें सुने और समझें व्यक्ति विशेष सह पत्रकार सह समाज प्रमुख के द्वारा लिया गया हरीश नामदेव का विडियो इंटरव्यू हरीश को केसे रोक कर अपनी बात को कैसे जानबूझ कर उनसे बोलने को बाध्य कर रहे है जो उनके खुद के चैनल पर अपलोड है :
झूठे आरोपों में फसाना,गलत लोगों का संगत, समाज को अंधकार में ढकेलना, अपने आप को बड़ा बनाना इनको बहुत पसंद है | लेकिन यह कितने बुद्धिजीवी हैं यह तो शहर नहीं जिला नहीं पूरे छत्तीसगढ़ की जनता और समाज विशेष जानती है।
पूर्व में भी व्यक्ति विशेष सह पत्रकार सह समाज प्रमुख ने समाज के उभरते सितारे और कांग्रेस के कर्मठ कार्यकर्ता जिला कांग्रेस के मीडिया प्रभारी कृष्णा नामदेव को भी वार्ड पार्षद के चुनाव में टिकिट लेनदेन के मामले में फसाने की कोशिश की थी । मामले को व्यक्तिगत रूप से लेते हुए समाज के उभरते सितारे कृष्णा नामदेव के विरुद्ध तरह-तरह के आवेदन मानहानि जैसे प्रकरण बनाकर उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की थी उक्त प्रकरण पर भी व्यक्ति विशेष पत्रकार यह समाज प्रमुख ही गलत पाया गया था।
कई है मामले व्यक्ति विशेष सह पत्रकार सह समाज प्रमुख के कई मामले हैं अपने ही पत्रकार साथियों के साथ लड़ाई पूर्व में एलआईसी के एजेंट रहे लोगों का राशि डकार ने के काम, पत्रकार गृहनिर्माण के कामों को लेकर मंत्री अकबर तक से बहस करने के साथ, नवभारत जैसे बड़े प्रेस को मैंने ले लिया जैसे मानसिक रोगी के लक्षण के साथ ही बेमेतरा और ना जाने कितने जिलों में बदनामी का दाग खुद के गृह ग्राम पिपरिया के साथ शक्तिमान के तमराज किलविश की तरह पूरे छत्तीसगढ़ में विख्यात है।
साथ ही साथ जैसे समय बदलता है वैसे लोग बदलते हैं यह चरितार्थ हरीश नामदेव और उसकी पत्नी लक्ष्मी नामदेव निवासी पैठु पारा वार्ड न 20 कवर्धा ने अपने चाचा संतोष के साथ जिस प्रकार का कृत्य किया उसका भी हमारी भी चेहरा बाहर आया | बतौर भतीजा संतोष नामदेव जी से रुपए उधारी लेकर वापस ना कर पाने की स्थिति में तथाकथित व्यक्ति विशेष सह पत्रकार सह समाज प्रमुख को अपनी ढाल बनाकर पैसा डकार में की पूरी प्लानिंग के साथ हरीश झूठे आरोप पर अब खुद ही फंस गए। जैसे ही हरीश ने व्यक्ति विशेष सह पत्रकार सह समाज प्रमुख के साथ मिलकर मीडिया में आकर समाचार के माध्यम से अपने झूठे आरोपों को संतोष नामदेव के ऊपर थोपा। मानों हरीश के सच्चाई खुद-ब-खुद सामने आ गई।
हरीश के बारे में पूरे मोहल्ले के लोग तरह तरह की बातें करने लगे बहुत सारी चीजें सामने आए कुछ मामले थाने में भी दर्ज किया गया जिसमें हरीश की पत्नी और हरीश दोनों मिलकर अपनी गरीबी दिखाते हुए लोगों से पैसा मांगते हैं और बाद में उन्हें वापस नहीं करते उन्हें झूठे आरोपों में फंसाने का कृत्य करते हैं | कल हरीश और उनकी पत्नी लक्ष्मी नामदेव के ऊपर दो महिला समूह ने अपने ऋण के पूरे पैसे अकेले रख लेने और ना ही वापस किए जाने ना ही बैंक में जमा किए जाने के संबंध में पुलिस अधीक्षक महोदय और थाना प्रभारी महोदय के नाम से लिखित में शिकायत दर्ज की है साथ ही एक सन 2011 से हरीश के द्वारा अपने घर को अमानत के रूप में रखकर पैसा लेकर वापस नहीं देने का भी मामला थाने में दर्ज कराए गए हैं। साथ ही नगर के एक प्रतिष्ठित सराफा व्यवसाई से हरीश और उसकी पत्नी ने सोने के श्रृंगार सामग्री की खरीदी है जिसका भी पैसा आज तक उन्होंने नहीं चुकाया है। हरीश का इस प्रकार का कृत्य उसकी लोगों की मदद की गलत फायदे उठाने और 420 के मामले को खुद ही हरीश ने उजागर कर दिया है। ऐसा सुनने में भी आया है की हरीश से व्यक्ति विशेष सह पत्रकार सह समाज प्रमुख ने किसी को भी पैसे वापस मत दो मैं सबको देख लूंगा सबके खिलाफ आप आवेदन लगा दो किसी का पैसा आपको देना नहीं पड़ेगा यह कहते हुए उससे मीडिया मैनेजमेंट करने के नाम पर ₹10000 ले लिए हैं।
अंत में सिर्फ इतना ही है की सावधान रहें सतर्क रहें और अपने परिवार का ध्यान रखें इस तरह के लोगों से दूर रहें अपने व्यापार से अपने काम से इन से दूरी बनाकर रखें।
सत्यमेव जयते



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