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केरल में 15 साल के अंतराल के बाद पारंपरिक यहूदी शादी 15 साल बाद पारंपरिक यहूदी शादी के गवाह बने कैराएल

छवि स्रोत: ट्विटर- एएनआई
15 साल बाद केरल में यहूदी विवाह हुआ

कोच्चि: केरला संडे को एक खास शादी के गवाह बने। यहां 15 साल की पहचान के बाद यहूदी रीति-रिवाजों और पारंपरिक तरीकों से कोई भी विवाह समारोह आयोजित किया गया। अमेरिका में डेटा संशोधक एवं अपराध शाखा में पूर्व पुलिस अधीक्षक बेनोय मलखाई की बेटी रुशेल मलखाई ने अमेरिकी नागरिक एवं अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा के इंजीनियर रिचर्ड जैचरी रोवे से शादी की। कोच्चि के एक निजी रिसॉर्ट में रविवार को इस विवाह समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें विवाह करने वाले जोड़े के परिवार, मित्र और समुदाय के अन्य सदस्य शामिल हुए।

दूल्हे ने ‘तल्लित’ नाम के दौरान रस्म के दौरान एक पारंपरिक शाल पहनी थी, जबकि दुल्हन ने अपनापन रखा। यहूदी समुदाय के जोड़ों ने भारतीय संस्कृति के होश से ड्रेसिंग की। शादी समारोह के दौरान दोनों ने ब्रश से जुड़े गीतों के धुनों पर खूब खुशी मनाई। ग्रूम के परिवार से 20 लोग शादी करने पहुंचे थे।

इजराइल से आए रब्बी ने घोटालों का जाल बिछाया


इज़राइल से आए ‘रब्बी’ एरियल टायसन ने गैर-संबद्ध विवाह किए। विवाह हुप्पा (मंडप) के नीचे हुआ। परिवार के सूत्रों ने बताया कि यह केरल में हुई ऐसी पहली शादी है, जो किसी यहूदी उपासना गृह के बाहर हुई है। राज्य में इससे पहले यहूदी अनुष्ठानों से 2008 में कोई विवाह हुआ था। उस समय मटनचेरी के थेक्कुंभगम मंदिर में विवाह संपन्न हुआ था। पूजा के भीतर सीमित संख्या में ही लोग आ सकते थे, इसलिए वर-वधू पक्ष के सभी निजी स्थलों में समारोह आयोजित करने का फैसला किया ताकि परिवार के सभी सदस्य इसमें शामिल हो सकें।

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2,000 साल पहले यहूदी यहूदी आए थे
कुछ इतिहासकारों के अनुसार, केरल वे 2,000 साल से पहले राजा सोलोमन के समय में आए थे। राज्य में यहूदी समुदाय के अब कुछ ही परिवार हैं। केरल के अंजुवन्नम में यहूदी समझौता होने का पहला आधिकारिक रिकॉर्ड मिला था। इजरायल बनने के बाद बड़ी संख्या में यहूदी इजरायल चले गए। सिनोगोग कहते हैं कि केरल में यहूदियों के कई पूजा स्थल भी मौजूद हैं। वर्तमान में अधिकतर यहूदी समुदाय कोच्चि में ही रहते हैं।

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Saurabh Namdev

| PR Creative & Writer | Ex. Technical Consultant Govt of CG | Influencer | Web developer
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