
नियंत्रण रेखा पर भारतीय सेना की जवानी (फ़ाइल)
भारत बनाम पाकिस्तान एलओसी: पिछले एक साल के दौरान जम्मू-कश्मीर में लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर हालात काफी हद तक बदल गए हैं। यानी पाकिस्तान ने सीज फायर उल्लंघन को लगभग नियंत्रित कर लिया है। केवल तीन चार छितपुट उल्लंघन की घटनाएं हुई हैं। मगर इसके बावजूद छद्म पाकिस्तान युद्ध करने वाली अपनी आदत से बाज नहीं आया। उसने सीमा पर चाहे ही बंद की हो, लेकिन नौकरी पर घुसबैठ, सीमा पार आतंक के शिविर, भारत में ड्रग और तस्करों का करवाना जारी रखा है।
रिपोर्ट के अनुसार भारत और पाकिस्तान की सेना के बीच पिछले साल फरवरी में युद्ध विराम पर सहमति बनी रहने के बाद जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर इसके ”उल्लंघन” की केवल तीन मामूली घटनाएं दर्ज की गईं। रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि इसके साथ ही पाकिस्तान ने “छद्म युद्ध की रणनीति” और आतंकवादी प्रशिक्षण शिविरों का “संचालन” जारी रखा है। इसने कहा कि इसके अलावा इन कैंपों में जेब की उपस्थिति भारत के प्रति पाकिस्तान के मनसूबों को जाहिर करती है।
मंत्रालय ने वार्षिक समीक्षा में जम्मू-कश्मीर की स्थिति का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि पाकिस्तान “मादक पदार्थ-आतंकवाद गठजोड़” का लगातार लाभ उठा रहा है ताकि युवा लोगों को आम लोगों को निशाना बनाने के लिए उकसाया जा सके। नियंत्रण रेखा (एलओसी) का उल्लेख करते हुए, मंत्रालय ने कहा कि दोनों तरफ से सैन्य अभियान के बीच झड़पों के बीच संघर्षविराम सहमति का पालन करने से स्थिति अपेक्षाकृत कार्य कर रही है।



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