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ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल कर सकते हैं ये 6 फल.- जानें इन 6 शनिवार को जो ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल कर सकते हैं।

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लाइफस्टाइल और संपर्क होने पर लाइनिंग होने का खतरा बढ़ जाता है। इंसुलिन के उत्पादन से प्रभावित होने पर ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। लंबे समय तक प्रसारित होने पर यह हमारे अंगों को प्रभावित करता है। विशेषज्ञ विशेषज्ञ हैं कि ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखने के लिए हमें अपने खान-पान पर ध्यान देना चाहिए। हमें अपने डाइट में ऐसे सावन को शामिल करना चाहिए, जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में मदद कर सकता है (मधुमेह के रोगी के लिए 6 फल)।

क्या कहते हैं आंकड़े

विकसित और विकसित दोनों देशों में प्रवेश प्रक्रिया की तरह गलत है। इससे अब तक दुनिया भर में 36 करोड़ से अधिक लोग प्रभावित हो सकते हैं। गतिहीन जीवन मोटापा, शहरीकरण के कारण वर्षों में यह संख्या और अधिक बढ़ सकती है। लंबे समय तक दाखिल रहने पर यह न सिर्फ दिल, किडनी, आंत, बल्कि मेंटल हेल्थ को भी प्रभावित करता है। जर्नल ऑफ एंडोक्रिनोलोजी के अनुसार, मुख्य रूप से मेटाबोलिक रेट पर नियंत्रण और जीवन शैली का सही प्रबंधन होने पर ही डाइटिंग के कारण होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है। यदि आप अपने दैनिक आहार में कुछ खास सावन को शामिल करते हैं, तो ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित किया जा सकता है। लो ग्लाइसेमिक वाले फलों का ही चयन करना चाहिए।

यहां हैं 6 फल, जो ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं

1 एंटीऑक्सीडेंट वाला ड्रैगन फ्रूट (Dragon Fruit)

फार्मेकोगनोसी अनुसंधान के अनुसार, लाल सब्जी और फल में अधिक एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं। रेड ड्रैगन फ्रूट में कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट जैसे कि हाइड्रॉक्सीसाइनामेट्स और फ्लेवोनोइड्स होते हैं। ये संघटकों को नुकसान से बचाते हैं। ड्रैगन फ्रूट की एक सर्विंग में लगभग 8-9 ग्राम शुगर पाई जाती है। यह कई अन्य सामान्य सावन से कम है। यह GIस्कोर 48-52 के बीच है, जो नियमित आहार के लिए सही है।

ड्रैगन फ्रूट एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण वाला होता है। इसलिए यह ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करता है। चित्र : आदी स्टॉक

कम कैलोरी और भरपूर तत्वों से भरपूर होने के कारण भी यह शाकाहारी लोगों के लिए बहुत अच्छा फल है। जर्नल ऑफ फार्मेकोग्नोसी एंड फाइटोकेमिस्ट्री के शोध के अनुसार ड्रैगन फ्रूट में आयरन, मैग्नीशियम, कैल्शियम जैसे स्किन और फाइबर भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यह एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण वाला होता है। इसलिए यह ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करता है।

2 लो कैलोरी वाला पपीता (Papaya)

द न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ़ मेडिसिन में प्रकाशित शोध लेख के अनुसार, गर्मियों में पपीता को खूब खाया जाता है। यह फल मधुमेह आहार के लिए बढ़िया है। वास्तव में, पपीता बंधुत्व और फाइबर से भरपूर होता है, जो शरीर में कोशिका क्षति का कारण बनता है। यह विटामिन बी, फोलेट, पोटैशियम, मैग्नीशियम जैसे सम्मिश्रण से भरपूर होता है। यह लो कैलोरी वाला फल है। आम रोगी इस फल के गुडे से लेकर बीज तक कोई भी हिस्सा खा सकते हैं।

3 अचानक बढ़ने नहीं देता जंबू (Indian Blackberry)

न्यूट्रीएंट जर्नल के अनुसार, जंब को भारतीय लुक या ब्लैक प्लम (ब्लैक प्लम) के रूप में भी जाना जाता है। इसे मधुमेह के रोगियों के लिए सबसे अच्छा सावन में माना जाता है। जंबो में 82% पानी और 14.5% कार्बोहाइड्रेट होता है। यह सुक्रोज शुगर में भी कम है। फल में मौजूद जंबोसीन और जंबोलिन जैसे कंपाउंड साइन्स को चीनी में बदलने की प्रक्रिया को धीमा कर देते हैं। यह शरीर में ब्लड शुगर लेवल में अचानक स्पाइक्स से मिलने में मदद करता है। जंब के सेवन से धारणा के बारे में सुधार भी हो सकता है।

4 लो ग्लायसेमिक कीवी (कीवी)

द न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित शोध लेख के अनुसार, कीवी हाई फाइबर वाले फल हैं। यह ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। कीवी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (ग्लाइसेमिक इंडेक्स) कम होता है। इसका जीआई 49 होता है। इसका अर्थ यह है कि कीवी फास्ट से ग्लूकोज में परिवर्तन नहीं होता है। यह ब्लड फ्लो में शामिल होने में समय लेता है।

कीवी फास्ट से ग्लूकोज में बदलाव नहीं होता है। यह ब्लड फ्लो में शामिल होने में समय लेता है। चित्र : संपर्क शेयर

ब्रेकफास्ट में खाने से ब्लड शुगर लेवल कम हो जाता है। इसका कारण यह है कि कीवी उच्च फाइबर सामग्री होती है, जिसमें जल धारण क्षमता (वाटर रिटेंशन) होती है। जब इसकी पूजा की जाती है, तो फल जल को सम्मोहन ग्रहण करता है। जेल में बाद में अपरिचित हो जाता है, जो बाद में चीनी रूपांतरण की प्रक्रिया को धीमा कर देता है।

5 फाइबर से भरपूर सेब (Apple)

जर्नल ऑफ़ एंडोक्रिनोलोजी में प्रकाशित शोध लेख के अनुसार, सेब सबसे अधिक खाया जाने वाला फल है। कहा भी गया है कि रोजाना एक सेब का सेवन से हर दिन डॉक्टर दूर रहते हैं। सेब में विटामिन सी, घुलनशील फाइबर और विभिन्न पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इसके अलावा, फल में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो छोटे लोगों के लिए लाभदायी होते हैं। हालांकि सेब में कार्ब्स होते हैं जो रक्त शर्करा के स्तर में वृद्धि कर सकते हैं। फल में मौजूद फाइबर ग्लूकोज का स्तर स्थिर करता है।

6 विटामिन सी का सबसे बड़ा स्रोत है संतरा (Orange)

न्यूट्रीएंट जर्नल के अनुसार, साइट्रस फल परिवार का एक हिस्सा माना जाता है। मधुमेह के रोगियों के लिए इसे सुपरफूड्स में से एक माना जाता है। यह फल विटामिन सी, फाइबर, फोलेट और पोटैशियम से भरपूर होता है। इसके अलावा, संतरा फाइबर सामग्री से भरपूर होते हैं।

मधुमेह में संतरा
विटामिन सी, फाइबर, फोलेट और पोटैशियम से भरपूर होता है संतरा। चित्र : उजागर करें

इसलिए खपत के बाद शुगर टूटने का समय लगता है। आम रोगी को रॉ या रॉ के रूप में खाना दिया जाता है

अंत में

मधुमेह के आहार रोगियों में शामिल करने के लिए सावन का चयन करते समय हमेशा सावन के ग्लाइसेमिक परत और निर्माण की जांच करने का प्रयास करें। इसके अलावा पोर्शन को भी ध्यान में रखें।

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Saurabh Namdev

| PR Creative & Writer | Ex. Technical Consultant Govt of CG | Influencer | Web developer
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