
झारखंड समाचार: झारखंड में 60-40 के आधार पर सुसंगत नीति का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। दुमका एसपी कॉलेज के छात्रों ने एक बार फिर बिगुल का पता लगाने का एलन कर दिया है। आज छात्रों ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए भर्ती की नीति वापस लेने की मांग की। छात्र नेता श्यामदेव हेमंब्रम ने बताया कि शिक्षा नीति वापस नहीं लेगी पर 17 अप्रैल से 19 अप्रैल तक झारखंड में बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल को सीएम हाउस का घेराव होगा। 18 अप्रैल को राज्य के गांव, पंचायत और प्रखंडों को लेकर शहर में टॉर्च जलाई जाएगी. 19 अप्रैल को राज्य में आर्थिक नाकेबंदी सुबह पांच बजे शाम पांच बजे तक हो जाएगी। आर्थिक नाकेबंदी के दौरान प्रेस, एंबुलेंस, सरकारी महत्वपूर्ण छूट मिलती है।
60-40 के आधार पर संक्षिप्तीकरण नीति का विरोध जारी
छात्र नेता राजीव बास्की का गुस्सा 81 पर चढ़ता है। उन्होंने कहा कि किसी विधायक ने समझौता नीति के बारे में स्पष्ट रूप से आवाज नहीं उठाई। नेताओं को मूलवासी और आदिवासी के भविष्य की चिंता नहीं है। हेमंत सरकार राज्य में 60-40 पर आधारित श्रेष्ठ नीति के माध्यम से बाहरी लोगों को बुलाकर मूलवासी और आदिवासियों का अधिकार छीन लिया गया है।
छात्रों ने सरकार की गलत नीतियों को राज्य में नहीं चलने दिया। छात्र नेताओं ने चेताया कि अब नेताओं का स्वागत फूल मालाओं से नहीं बल्कि चप्पलों की माला से होगा।
सीढ़ियों का चप्पलों की माला से स्वागत करेंगे छात्र
चप्पल की माले से स्वागत कर बताया जाएगा कि मूल निवासी और आदिवासियों का हक छीन लिया जाएगा यही हश्र होगा। आरोपित है कि सरकार की अनुकूल नीति के खिलाफ दुमका में छात्र चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों ने 30 मार्च को सरकार और चढ़ाई का पुतला फुंककर प्रदर्शन किया था। 31 मार्च को पूरे शहर में मशाल जलाई गई। 1 अप्रैल को संताल परगना में चक्का जाम कर विरोध जताया। अब संताल परगना से आंदोलन निकलकर पूरे राज्य में दिखाई देता है।



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