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सरकार गठबंधन के मुखिया के रूप में पिछले अप्रैल में सत्ता में आने के बाद सरफराज ने पहली बार इस तरह की पेशकश की है। पाकिस्तान स्थित आतंकवादी हमलों की एक श्रृंखला के बाद अस्पष्ट संबंध वर्तमान में दोनों देशों के बीच सर्वकालिक एक स्तर पर हैं।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने कश्मीर जैसे मुद्दों को हल करने के लिए भारत के साथ बातचीत करने की पेशकश करते हुए कहा कि उन्होंने अरब अमीरात (यूएई) के नेतृत्व से दोनों देशों को बातचीत की महीने पर लाने में मदद करने के लिए कहा है । पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने पिछले सप्ताह संयुक्त अरब अमीरात स्थित एक समाचार चैनल अल अरबिया के साथ एक साक्षात्कार में यह टिप्पणी की थी। सरकार गठबंधन के मुखिया के रूप में पिछले अप्रैल में सत्ता में आने के बाद सरफराज ने पहली बार इस तरह की पेशकश की है। पाकिस्तान स्थित आतंकवादी हमलों की एक श्रृंखला के बाद अस्पष्ट संबंध वर्तमान में दोनों देशों के बीच सर्वकालिक एक स्तर पर हैं।
पाकिस्तान एक स्क्रीनसेवर-फ्लॉप करता नजर आ रहा है। सरफराज ने चैनल से कहा कि भारत के साथ तीन युद्धों के बाद पाकिस्तान ने “अपना सब कुछ सीख लिया है” और अब “भारत के साथ शांति से रहना चाहता है, इसकी वजह हम अपनी वास्तविक स्थिति को हल करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सैन्य हथियार खरीदने के बजाय गरीबी और बेरोजगारी से निपटने के लिए अपने दुर्लभ संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करना चाहता है। हल करने के लिए गंभीर और ईमानदार बातचीत करें, जहां मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है।
इंटरव्यू में एक सवाल पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं शेख नहवान से मदद लूंगा। मैंने उनसे कहा कि वो भारत को बातचीत के लिए तैयार करें। स्थिति के भारत से बहुत अच्छे संबंध हैं और वो हमारा मुस्लिम भाई भी है। वो चाहे तो पीएम मोदी और भारत को बातचीत के लिए तैयार कर सकते हैं। पाकिस्तान अब अमन चाहता है। पाकिस्तान अब अमन चाहता है और इसके लिए ग्रेब्रिएट्स से बातचीत करना जरूरी है।
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