लेटेस्ट न्यूज़

वेटर बनीं, कहने के लिए 18 किलोमीटर पैदल गए, राजन शाही से मिन्नतें की, ऐसे नहीं रूपाली गांगुली ‘अनुपमा’ बनीं – रूपाली गांगुली की संघर्ष कहानी आपको भावुक कर देती है कि कैसे उन्होंने राजन शाही से गुहार लगाई और अनुपमा को सैटरडे सुपरस्टार से नवाजा

कॉमेडियन कपिल शर्मा, रविवार की फिल्म ‘ज्विगाटो’ आई है, उन्होंन इसके प्रमोशन के दौरान अपने पापा की कुछ बात बताई गई थी। वो कहते थे- अभी मेहनत करोगे तो पूरा जीवन आराम करोगे और अभी आराम करोगे तो पूरे जीवन मेहनत करोगे। ये बात ठीक है कि कहावत के जैसे ही है- पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे तो बनोगे खराब। ये हम इसलिए बता रहे हैं क्योंकि कुछ ऐसा ही रूपी खौफ के साथ हुआ, जिसमें आप आज ‘अनुपमा’ के रहस्य में देख रहे हैं। आज ‘सतारदे सुपरस्टार’ के इस सेगमेंट में हम उनके बारे में ही बात करेंगे कि कैसे उन्होंने 12 साल की उम्र से काम शुरू किया और आज वोटीवी की सबसे खतरनाक एक्ट्रेस बन गईं।

‘अनुपमा’ अरू रूपाली छत (रूपाली गांगुली) का जन्म 5 अप्रैल 1977 में पश्चिम बंगाल के कलकत्ता शहर में हुआ था। उनके पिता परिवार समुदाय से एक डायरेक्टर और स्क्रीनरैटर थे। वहीं भाई विजय अभिनेता और प्रोड्यूसर हैं। एक्ट्रेस ने थिएटर के साथ होटल रिलेशन का कोर्स किया है। और आज वो स्टार प्लस के हिट सीरियल से घर-घर में मेरी एक अलग पहचान बन चुकी है। लेकिन यहां तक ​​पहुंचने का सफर उनका आसान नहीं रहा। उन्होंने काफी कुछ देखा और देखा। कई चीजों का अनुभव किया है। तभी वह इस मुकाम को हासिल कर सकते हैं।

पापा ने की थी रूपाली की भयावहता

रूपाली ने ऑफिशियल ह्यूमन ऑफ बॉम्बे से खास बातचीत में अपने संघर्ष के दिनों को याद किया था। बताया था- पापा नेशनल राइटिंग डायरेक्टर थे और मेरे लिए बड़े हीरो थे। जब उनकी फिल्म आई थी तो लोगों ने राजेश की महत्वाकांक्षा की पूर्ति की लेकिन मेरे लिए पापा ही असली स्टार हैं। मैं स्कूल के बाद उनके सेट पर जा रहा था और डायरेक्शन की झलकियों को देख रहा था। इसी बीच हिरोइन कैसे बन गईं। पता ही नहीं चला। एक बार एक एक्ट्रेस ने पापा की फिल्म से पल्ला झाड़ लिया और फिर उन्होंने मुझे शामिल कर लिया। तब मैं 12 साल की थी। शायद ही कभी एक्टिंग के कीड़े ने काट लिया और इस फील्ड का हिस्सा बन गया।

रूपाली के बुरे दिन

रूपाली ने अपने बुरे दौर के बारे में भी बताया था। कहा था- पापा के दो फिल में लगातार फ्लॉप हो गए थे। तभी हमारा कठिन समय शुरू हो गया। मेरे सपने ने दम तोड़ दिया। मैंने उस समय परिवार को कठिन समय से निकालने के लिए सब कुछ किया। एक कार्यक्षेत्र में काम किया। कैटरिंग की। वेटर ने भी काम किया। जिस पार्टी में पापा गेस्ट थे, वहां मैं वेटर था। इसलिए ही नहीं, घर चलाने के लिए मैंने विज्ञापनों में भी काम किया।

सुधांशु पांडे इंटरव्यू:’अनुपमा’ के अभिनेता सुधांशु पांडे ने बॉलीवुड को दी नसीहत।

रूपाली गांगुला को पापा से मिली सीख

रूपाली ने बताया था कि इसी दौरान उनकी मुलाकात पति अश्विन से हुई थी। उन्होंने ही उन्हें टीवी करने की सलाह दी थी। एक्ट्रेस ने टीवी में हाथ-पैर मारे और उनकी सुकन्या की डिटेल मिली। उनके एक सीन रूपाली ने उनके पापा को भी दिखाया था क्योंकि उनकी फिकर एक्ट्रेस के लिए बहुत मायने रखता था। जब अनिल घाघरा ने देखा तो उसने कहा- खुद रोना नहीं है। दर्शकों को रुलाना है।

पिता के निधन के दौरान मिला था ‘अनुपमा’

रूपली छत को ‘अनुपमा’ तब दिया गया था जब वह अपने पिता के निधन के शोक में डूबे हुए थे। हालांकि उनके पति अश्विनी ने उन्हें प्रेरित किया लेकिन इसके बावजूद वह राजन शाही के पास चले गए और उन्होंने कहा कि वह थोड़े समय के लिए उन्हें स्थिर रहने देंगे। इसके बाद प्रोड्यूसर ने उनसे कहा कि उन्हें एक एक्ट्रेस नहीं बल्कि एक मां चाहिए जो ये रोल कर सके।

अनुपमा ऑफ एयर: मॉडर्न ‘अनुपमा’ के पुराने ख्यालों वाले मेकर्स, टीआरपी के लिए ओछी हरकतें करना अब बंद करो

रूपाली ने राजन शाही के आगे जोड़े हाथ

रूपली ऑफिस ने साल 2022 में बाताया था कि उन्होंने 22 साल पहले अपने टीवी करियर की शुरुआत की थी। उनका सीरियल ‘दिलचस्पी है कि नहीं’ 5 सितंबर, 2000 को प्रसारित हुआ था। इसके लिए वह वर्ली से अंधेरी पैदल चल रहे थे। हालांकि रोल सुनने के बाद वह थोड़ा हड़बड़ा गए थे लेकिन बाद में वे राजन रॉयल से बहुत मिन्नतें थे कि वे उन्हें एक मौका देते थे। बाद में उन्होंने हां कहा। वह वक्त हालांकि रूपाली को ये कि राजन शाही को उनसे कुछ उम्मीद थी। पहले सीन के बाद उन्होंने ट्रिक्स को और भी कई सीन्स दिए और 9 नोटिफिकेशन के बाद ही उन्होंने उन्हें शो में रखने के लिए राजी हो गए।

‘अनुपमा’ से पहले कई हिट शोज दिए

बता दें कि रूपाली ने Movies भी हैं। उन्होंने मिथुन राशि के पर्दे पर रोमांस भी किया है। इसलिए ही नहीं, उन्होंने रियलिटी शोज में भी अपना दमखम दिखाया है। वह ‘बिग बॉस सीजन 1’ का हिस्सा बनकर रह गए हैं। साथ ही ‘खतरों के खिलाड़ी 2’ भी किया है। ‘संजीवनी’, ‘साराभाई वर्सेज साराभाई’, ‘काव्यांजलि’, ‘कहानी घर घर की’, ‘परवरिश’, ‘बा बहू और बेबी’ जैसे तमाम हिट शोज रहे हैं। अब वह अनुपमा के जरिए फिर से चारों ओर अपना छाप छोड़ रहा है।

Show More

Saurabh Namdev

| PR Creative & Writer | Ex. Technical Consultant Govt of CG | Influencer | Web developer
Back to top button

You cannot copy content of this page