
समीक्षा: महेश भट्ट कैंप के प्रसिद्ध लेखक अभिनेता आकाश खुराना के सुपुत्र आकाश ने पिछले कुछ वर्षों में मनोरंजक फिल्में और वेब सीरीज क्रिएट और डायरेक्ट करने में काफी अच्छा काम किया है। उनकी पहली फिल्म कारवां (इरफान, दुलकर सलमान, और मिथिला पारकर) द्वारा निर्देशित एक बहुत अच्छी रोड ट्रिप फिल्म थी। ज़ी 5 पर उनकी निर्देशित बहुचर्चित फिल्म ‘रश्मि रॉकेट’ हाल ही में रिलीज़ हुई है। वैसे तो तापसी पन्नू को इंटरनेट के ट्रोल दिन भर गलियाते रहते हैं, इस फिल्म की ट्रेलर रिलीज होने पर उन्हें ‘मर्दाना’ लुक के लिए और भी ज्यादा ट्रोल किया गया। एक तरह से अच्छा ही हुआ क्योंकि फिल्म का मूल उद्देश्य स्पोर्ट्स में जेंडर टेस्ट के लिए आवाज उठाना ही था। फिल्म एक पारिवारिक और मनोरंजक फिल्म है। प्रयास करना चाहिए कि स्पोर्ट्स में पानी भरने वाले बच्चों को ये फिल्म देखने को मिले ताकि इसका सन्देश उन सभी तक पहुंच जाए। फिल्म नाम और दिलचस्प भी है। छोटी-छोटी बातों को नज़रअंदाज़ कर सकते हैं तो फिल्म कहीं भी छू जा सकती है।
तापसी पन्नू को एक ऐसी फिल्म की ट्रेन थी जहां वो अपनी छवि को छोड़ कर कुछ और कर सकते थे। इस फिल्म में उन्होंने इस बात की भरसक कोशिश की है कि वो कुछ नया बनाने में सक्षम हैं लेकिन वो प्रशिक्षित अभिनेत्री नहीं हैं इसलिए उनकी ‘मैं’ फिल्म में नजर आ ही जाती है। कहानी भुज की लड़की रश्मि की है जो रॉकेट की रफ़्तार से भाग लेती है। इसलिए उसे रॉकेट कहते हैं। भुज का भूकंप से पहले उसके पिता उसे सीख देते हैं कि हार-जीत जबरदस्त नहीं आपने शेयर लिया वो महत्वपूर्ण है। फॉर्मूला है लेकिन उचित है। बचपन की रश्मि सीधी जवान हो जाती है और भुज के आर्मी कैंप के सीनियर अफसरों के साथ मां पीती है, जहां वो आर्मी के ट्रैक एंड फील्ड कोच कैप्टन गगन ठाकुर (प्रियांशु) को मिलती है। जैसा फॉर्मूला होता है, एक रॉकेट रफ़्तार की दौड़, एक सेना वाले की दौड़कर जान बचाने का कारनामा, गांव में एक सेक्सी सा डांस के बाद कैप्टन और रश्मि में प्यार हो जाता है। कैप्टन उसके निर्णय की प्रतियोगिता में दावा करते हैं जहां रश्मि आती हैं कई रिकॉर्ड तोड़ देती हैं और भारतीय टीम के चयनकर्ता की बेटी की जलन का शिकार हो जाती है। रश्मि पर इल्ज़ाम लगाया जाता है कि वो लड़की नहीं बल्कि एक लड़का है। जेंडर टेस्ट होता है, मीडिया में हल्ला होता है और रश्मि को एसोसिएशन बैन कर देता है। ईशित देसाई (अभिषेक बनर्जी) वकील की भूमिका में आ कर रश्मि का मामला लड़ रहे हैं और फिर फिल्म एक कोर्टरूम ड्रामा बन गई है। मामले के बीच रश्मि प्रेग्नेंट हो गई हैं। क्या रश्मि जेंडर टेस्ट का ये जाल काटकर जीत हासिल करता है, ये देखने के लिए फिल्म देखें।
तापसी पन्नू ने इस रोल के लिए बहुत मेहनत की है। शारीरिक रूप से उन्होंने कल्पना की है। एक स्प्रिंटर के जैसा शरीर बनायीं है। तापसी ने फिल्म में मानसिक रूप से कहीं से भी कोई प्रेरणा नहीं ली है और न ही इसकी कहानी को समझने की कोशिश की है। ये लिप्सा तापसी ही कर सकते हैं ऐसा नहीं था लेकिन तापसी ने इस किरदार को अपनी तरफ से कुछ खास दिया है ऐसा नजर नहीं आता। तमिल फिल्मों के निर्देशक नंदा पेरियासामी ने इस फिल्म की कहानी लिखी है। कुछ महिलाओं में पुरुष हार्मोन ‘टेस्टोस्टेरॉन’ की मात्रा मात्रा से अधिक होती है। इसके आधार पर इस तरह के लोगों पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है। हमारे देश की दुतीचंद के साथ ऐसा किस्सा हो चुका है। दुनिया भर में कई ऐसी खिलाडी रही जिन के ओलिंपिक मेडल तक छिन लिए गए क्योंकि उनके शरीर में मेन हॉर्मोन पाए गए थे। रश्मि की कहानी भी ऐसी ही एक एथ की है। बॉडी और मेक अप से तो तापसी ने ये ‘हाइपर एंड्रोजेनिज्म’ वाला ल्यूक पा लिया था लेकिन उनकी हॉट मिजाज उनकी पहली सभी फिल्मों की तरह ही थी।
फिल्म में उनके पति और पार्ट टाइम कोच प्रियांशु ने बहुत काम किया है। वे आर्मी वाले भी हुए, प्रेमी भी, और एक तेज शख्स भी। प्रियांशु को दर्शक मिर्ज़ापुर में रॉबिन राधेश्याम की भूमिका में देख चुके हैं। नए अभिनेताओं में प्रियांशु में काफी नज़र आती है। वहीं वकील की भूमिका में अभिषेक बनर्जी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे सिर्फ अच्छे जीएसटी डायरेक्टर ही नहीं बल्कि बेहतरीन अभिनेता भी हैं। कोर्ट में वो फिल्मी अंदाज में ही केस लड़ते हैं। यहां निर्देशक फिर फॉर्मूला की ओर चल रहे हैं और पक्ष के वकील और सरकारी वकील के बीच की जिरह थोड़ी कॉमेडी में लिट हो जाते हैं। एसोसिएशन के कोच के तौर पर मंत्र ने बड़ा ही साधा काम किया है। खेल में राजनीति का दबाव नहीं होना चाहिए, लेकिन मंत्र जानिए कि ये दबाव तो आया ही इसलिए वो पूरे प्रकरण में बड़ा नपातुला ही बोलते हैं। सुप्रिया की सबसे अच्छी भूमिका पाठकों के हाथ लगी है। रश्मि वीरा (तापसी पन्नू) की मां भानुबेन की भूमिका इतनी सलीके से गढ़ी गई है कि देखने वालों को सुप्रिया पाठक की कहानी के अलग-अलग आयाम नजर आते हैं। एक सीन में वो पत्नी पर हाथ उठाने वाले गांव के लड़के के खिलाफ कड़ा कदम उठाती हैं और पूरे गांव की महिलाएं उनके साथ न घर के और न व्यापर के काम करने की कसम खाती हैं। इस दृश्य में सुप्रिया पाठक अपने कद्दावर अभिनेता होने के सबूत देते हैं।
प्रसिद्ध फिल्म निर्माता दुलाल गहरा के पौत्र अनिरुद्ध गहरा, जो फिल्म क्रिटिक और अब फिल्म और वेब सीरीज के लेखक भी हैं, इस फिल्म के स्क्रिप्ट राइटर हैं। महिलाओं के हॉर्मोन की कहानी का गहन अध्ययन करने के बाद उन्होंने कनिका ढिल्लों के साथ इस फिल्म की पटकथा लिखी है। एक सूचना लेखक और अच्छी फिल्म की आलोचना होने की वजह से उनकी स्क्रिप्ट काफी हद तक ठीक हो गई थी। संगीत अमित त्रिवेदी का है। ओटीटी पर जारी होने की वजह से अफवाह की सूचना अब बिलकुल नहीं है। कुल जाम 4 गाने और आसपास अच्छे हैं। गुनगुनाने के होश से ‘घणी कूलांडी’ (देशी त्रिवेदी) अच्छा डांस गरबा है। एक मोटिवेशनल गाना ‘ज़िद्द’ थोड़ा कर्कश लगता है लेकिन फिल्म में सीखने के समय ये गाना एक अलग ही जोश भर देता है। एफटीएय से सिनेमेटोग्राफी में कोर्स कर चुकी नेहा पर्ती मटियानी ने रश्मि रॉकेट में कोई खास शॉट या लाजवाब एंगल का इस्तेमाल करते हुए फिल्म के ड्रामाटाइजेशन का प्रभाव थोड़ा कम किया है। स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म्स में पार्ट मिल्खा पार्ट जैसी सिनेमेटोग्राफी इस फिल्म में देखने को नहीं मिली।
रश्मि रॉकेट की स्क्रिप्ट में खामियां हैं। रश्मि लेआउट के पहले हिस्से में स्पोर्ट्स ड्रामा और फिर कोर्टरूम ड्रामा है। रश्मि रॉकेट में तापसी पन्नू ने अच्छा काम किया है, लेकिन काफी तयशुदा चूक हुई है। रश्मि रॉकेट का स्क्रीनप्ले मॉनिटर है। फिल्म थोड़ी छोटी की जानी चाहिए। इन सबके बावजूद फिल्म अच्छी है। पूरे परिवार के साथ बैठकर देख सकते हैं। न गैलियां न न्यूदेवी हैं। मोटिवेशनल फिल्म की तरह इसे देखिये ताकि व्यवस्था से झगड़े की नौबत आएं तो आपको कुछ कुछ मूल्यांकन पहले से हो। रश्मि रॉकेट जब खत्म होता है तो लगता है कि कुछ और होना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं होता है। अधूरी ली गई ये फिल्म थोड़ी और बेहतर हो सकती है। निर्देशक आकर्ष खुराना को इस संवेदनशील और विचित्र विषय पर फिल्म बनाने के लिए साधुवाद।
विस्तृत रेटिंग
कहानी | : | |
स्क्रिनप्ल | : | |
डायरेक्शन | : | |
संगीत | : |
ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज न्यूज, सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज वेबसाइट News18 हिंदी|
टैग: छवि समीक्षा, रश्मी रॉकेट, तापसी पन्नू
प्रथम प्रकाशित : 17 अक्टूबर, 2021, 07:29 IST



- लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
- विडियो ख़बरें देखने के लिए यहाँ क्लिक करें
- डार्क सीक्रेट्स की ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
- UNA विश्लेषण की ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें