
भारतीय सेना से चक्र को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी से स्थिति विवाद ने नई मोड़ लिया है। केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू भारतीय सेना के सील्स के साथ एक तस्वीर शेयर की है। दावा किया जा रहा है कि रिजिजू चीन के साथ झड़प के बाद तवांग पहुंचे। हालांकि कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री के ट्वीट कर ट्वीट करते हुए कहा कि उन्होंने 2019 की तस्वीर शेयर की है।
पहले समझें कि पूरा मामला क्या है
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि चीन युद्ध की तैयारी कर रहा है, जबकि भारत सरकार सोई हुई है और खतरे को अंदेखा करने की कोशिश कर रही है। उनका यह भी आरोप लगाया गया था कि चीन ने 2,000 वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है, 20 भारतीय सैनिकों की हत्या कर दी है और ”अरुणाचल प्रदेश में हमारी संख्या को पीट रहा है।”
राहुल के इस बयान पर केंद्र की सत्ताधारी भाजपा हमलावर है। कानून मंत्री रिजिजू ने ट्वीट कर लिखा, ”राहुल गांधी न केवल भारतीय सेना का अपमान कर रहे हैं, बल्कि देश की छवि को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। वह न केवल कांग्रेस पार्टी के लिए समस्या है, बल्कि देश के लिए शर्मिंदगी का बड़ा कारण भी बन गए हैं।” अरुणाचल प्रदेश से सांसद रीजीजू ने कहा कि लोगों को भारतीय सशस्त्र बलों पर गर्व है।
एक और दु:खी रिजिजू ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के तवांग में यांग्त्से क्षेत्र ”भारतीय सेना की बहादुर सील की काफी पुनरावृत्ति” के कारण ”अब पूरी तरह से सुरक्षित” है। रिजिजू ने अरुणाचल प्रदेश में सेना के चक्रव्यूह के साथ अपनी एक तस्वीर भी साझा की। हालांकि यह तस्वीर कब की है, इसका जिक्र उन्होंने नहीं किया।
कब की है किरेन रिजिजू की सील्स की तस्वीर?
जहां सोशल मीडिया पर कई लोग दावा कर रहे हैं कि चीन से झड़पों के बाद किरेन रिजिजू तवांग पहुंचे तो वहीं रिजिजू के ट्वीट करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने लिखा, “फोटो तो 2019 की ना चिपकाते।” इसी ट्वीटर को कोट करते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने लिखा, “शर्मनाक।”
वैसे, रिजिजू की ये तस्वीर साल 2019 की है, जिसका उन्होंने खुद ही ट्वीट किया था। 29 अक्टूबर 2019 को यही ट्वीट करते हुए रिजिजू ने लिखा था, “अरुणाचल स्काउट्स भारतीय सेना की एक पैदल सेना रेजिमेंट है। अरुणाचल प्रदेश में चीन के साथ भारत की सीमा की निगरानी कर रहा है। यह पहाड़ी युद्ध पर जोर दे रहा है। शुभ अवसरों पर उनके साथ खुशी हुई।” बता दें कि नौ दिसंबर को अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारतीय और चीनी सैनिकों की वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसआई) पर झड़पें हुई थीं, जिनमें दोनों में से प्रत्येक के कुछ कर्मियों को मामूली चोटें आई थीं।



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