
इंदौर। इंदौर कलेक्ट्रेट का घोटालाबाज करोड़पति बाबू मिलाप चौहान गया। आखिरकार विभाग के लोगों ने उसकी पुलिस में शिकायत की और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मिलाप सहित कुल 29 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। जांच के दौरान उसे कई अनायास की जानकारी मिली है। उसने कई कॉल गर्ल और गर्लफ्रेंड को भी पैसे आवंटित होंगे। पुलिस को आशंका है कि यह घोटाला और भी बढ़ सकता है। और भी कई लोग इसमें शामिल हो सकते हैं
इंदौर कलेक्टर इलैया राजा टी ने हाल ही में सरकारी पैसे में बड़े हेराफेरी पकड़ी थी। यह हेरफेर करने वाला कोई और नहीं बल्कि कलेक्टर ऑफिस का ही नहीं, बल्कि बाबू ने चौहान को पकड़ लिया था। शुरुआती राशि में लगभग एक करोड़ की राशि के गबन का रिपोर्ट था। लेकिन दो या तीन दिन में ही यह खाता पांच करोड़ के पार पहुंच गया। कलेक्टर कार्यालय से मिली शिकायत पर पुलिस ने बाबू मिलाप चौहान, उनकी पत्नी, अन्य बुजुर्गों सहित कुल 29 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस घटना में मिलाप चौहान को गिरफ्तार कर लिया। वहीं अब अन्य की तलाश की जा रही है।
12वीं पास बाबू का काला कारनामा
कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ बाबू मिलाप चौहान पर करोड़ों के गबन के गंभीर आरोप हैं। वह 12वीं पास है और अनुकंपा की नौकरी पाकर नौकरी में आ गया था। उसने सरकार के लेखों की अनदेखी का भरपूर लाभ उठाया। हितग्राही मूल योजना में जो आवेदन रद्द किया गया या तकनीकी खामी के कारण पैसा वापस चला गया, उस पैसे को अपनी पत्नी के लाभ में मिला दिया गया। ये खेल तीन साल से चल रहा है। शुरुआत में ये बहाने 1.04 करोड़ का था जिसमें खुद के अलावा पत्नी के खाते में सागर राशि का पता चला था। लेकिन बाद में जानकारी मिली कि चौहान ने लगभग 29 खातों में जमा राशि जमा करायी थी। पात्र पात्र 5 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसमें एक करोड़ की राशि लगभग खुद के खर्च में पत्नी, भाई, और अन्य स्मारकों के खाते में जमा हुआ था। मिलाप चौहान की इस कारगुजारी में कलेक्टर कार्यालय के दो अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं।
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बाबू और उनकी पत्नी समेत 29 पर केस
कलेक्टर इलैया किंग ने मिलाप चौहान का गबन उजागर करते ही अधीनस्थ अधिकारियों की एक टीम बना दी थी। इस टीम का नेतृत्व एडम राजेश राठौर कर रहे थे। गबन उजागर होने के बाद राठौर ने खुद से मिलाप चौहान से विस्तृत पूछताछ की। तकनीकी छानबीन भी की. लगभग पांच करोड़ का खुलासा तो खुद राठौर ही कर चुके थे। मिलाप चौहान ने पूछताछ में अधीनस्थ अधिकारियों के साथ सहयोग नहीं किया। उसके बाद कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त शिकायत के आधार पर रावजी बाजार थाना पुलिस ने गंभीर प्रविष्टि में मामला दर्ज किया है। इसमें उनकी पत्नी चौहान मिलीं, जिसमें कुल 29 लोग शामिल हैं.
अधिकारियों के नाम पर वर्कपीस लपेटा
जमाखोरी में काफी बजट रहता है। वहां से अलग-अलग मदों में इस राशि का भुगतान होता है। और भुगतान की जिम्मेदारी मिली-जुली थी। भुगतान के दौरान कई ऐसे लाभ होते थे, जिनमें से किसी भी राशि का आवंटन नहीं हो पाता था। मिलाप उस राशि को अपने फायदों के अलावा एक अन्य बाबू, एक भृत्य, अपनी पत्नी सहित 29 लोगों के फायदों में आवंटित कर रहा था। पूछताछ में मिलाप ने अफसरों को यह भी बताया कि खाताधारकों को कुछ राशि भी देता है। और वह सभी पर गारंटी भी था कि यह कोई घोटाला गबन की राशि नहीं है। बल्कि यह तो शासकीय राशि है, किसी के भी ध्यान में नहीं आता। वो यह भी कहता है कि इसकी जानकारी बड़े अधिकारियों को भी है इसलिए डरने की कोई बात नहीं है। कोई आंच अपने पर नहीं लगेगी।
कॉलगर्ल का शौकीन बाबू
पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद घोटालेबाज बाबू मिलाप चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस का अब हर संभव प्रयास है कि गिरफ्तारी से गबन की राशि का पता लगाया जा सके। शुरुआती दायरे में एक्स ने अपनी गबन की राशि, संपत्ति और समान रूप से खर्च करने की बात स्वीकार की है। जांच के दौरान उसे कई अनायास की जानकारी मिली है। वह कई कॉल गर्ल और गर्लफ्रेंड को भी पैसे देती हैं। पुलिस को आशंका है कि यह घोटाला और भी बढ़ सकता है। और भी कई लोग इसमें शामिल हो सकते हैं
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पहले प्रकाशित : 24 मार्च, 2023, 14:49 IST



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