
पंजाब बजट 2023: पंजाब की भगवंत मान सरकार के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शुक्रवार को विधानसभा में अपना दूसरा बजट पेश किया है। इस बजट में कई बड़े ऐलान किए गए हैं। इसके साथ ही पिछले साल के लिए ज्यादा से ज्यादा इस साल 1.96 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया। बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि पर विशेष ध्यान दिया गया है। लेकिन दो चीजों को लेकर सरकार बजट में चुप्पी साध रही है, ग्लैमर को लेकर अब सरकार पर सवाल उठा रही है।
पुरानी पेंशन योजना और चुनाव से पहले किए गए हर महिला को हर महीने एक हजार रुपए देने के लिए चुप्पी साधे रखी गई है। जबकि पिछले महीने ही पुरानी पेंशन योजना को लागू करने को लेकर एसओपी तैयार करने को लेकर अधिकारियों का एक पैनल बनाया गया था। बजट के बाद वित्त मंत्री ने प्रेस कांफ्रेंस में भी दोनों वादों को लेकर कोई बयान नहीं दिया। जहां वित्त मंत्री चीमा ने इस बजट को जनहितैषी बताया और कहा कि चुनाव पूर्व किए गए वादों को सरकार जल्द ही पूरी कर देगी। उसी सटीक ने बजट की आलोचना करते हुए कहा कि भगवंत मान सरकार के इस बजट ने आम लोगों की उम्मीदों को चकनाचूर किया है।
पंजाब पर कर्ज को लेकर क्या बोली वित्त मंत्री?
वित्त मंत्री चीमा ने पंजाब पर ऋणों को लेकर प्राणियों पर जमकर ध्वनि साधा। उन्होंने कहा कि जबसे ‘आप’ सरकार ने सत्ता में आई है तभी से उन्हें विरासत में कर्जा मिल गया है। जो हाल ही में लिया था। वित्त मंत्री ने बताया कि पंजाब पर अप्रैल 2022 से लेकर जनवरी 2023 तक 32,797,60 करोड़ का कर्ज था जो 31 जनवरी 2023 से 2,81,954.25 करोड़ रुपए हो गया। पंजाब सरकार ने 31 जनवरी 2023 से 14383.65 करोड़ का कर्ज वापस लिया है।
कानून-व्यवस्था को लेकर दिया ये जवाब
पंजाब सरकार के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बजट भाषण के दौरान पंजाब के विरोध को कायदे में रहने या बर्बादी के लिए तैयार हो जाने की चेतावनी दी। चीमा ने कहा कि कुछ बुरी ताकतें हैं जो सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति व्यवस्था को भंग करने का मौका ढूंढती हैं, समय-समय पर पुलिस उनकी शिकायत को नाकाम भी करती है, लेकिन फिर भी अगर पंजाब के दुश्मन कायदे में नहीं रहे तो उन्हें जड़ से उखाड़ फेंका जाएगा।
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