
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में लागू रहेगें GRAP-3 के तहत प्रतिबंध(सांकेतिक फोटो)
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग) ने कहा है कि एयर पॉल्यूशन के स्तर में दायित्वों के मद्देनजर दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली-एनसीआर) में गैर-जरुरत निर्माण और वैकल्पिक कार्य पर रोक लागू रहना। आयोग ने कहा कि ‘ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान’ के तीसरे चरण के तहत यह पाबंदियां भड़क रही हैं। दिल्ली में 24 घंटे की वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) सोमवार को 357 था। यह रविवार भी खराब था जब एक्यूआई-259 दर्ज किया गया था।
GRAP-3 के तहत लागू होंगे पाबंदियां
एक समीक्षा बैठक में, ‘ग्रेडेड रिस्पेंस एक्शन प्लान’ (GRAP) पर उप-समिति ने कहा कि हवा की कम गति और मौसम की बाधा स्थिति के कारण जलभराव की स्थिति देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि इस पर विचार करने के बाद उप-समिति ने फैसला किया है कि GRAP-3 के तीसरे चरण के तहत लागू उपाय अमल में आएंगे।
आयोग ने आगे बढ़ने की वजह से पिछले शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर (दिल्ली-एनसीआर) में जीआरएपी के तीसरे चरण की पाबंदियों को लागू करने का निर्देश दिया था। इस के तहत प्रदूषण न फैलाने वाली, मांसल प्लंबर का काम, बढ़ई का काम, आंतरिक साजोसज्जा और बिजली से जुड़े काम की अनुमति है। जानकारी के लिए आपको बता दें कि AQI 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बेहद खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है।
एक्यूआई बेहद खराब
दिल्ली-एन में संपूर्ण संपूर्ण बना है। अभी इससे राहत नहीं मिल रही है। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के आकाश में धुंधला दिखाई दे रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एयर क्वालिटी (AQI) बेहद खराब कैटेगरी में बना है।



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