
बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र का दौरा कर रहे सिकंदराबाद के सांसद ने कृपालु मंत्रियों का उनका भाजपा विरोधी होने का उपहास करते हुए कहा कि इसका कोई विकल्प नहीं है कि वह अभी एक और दलू चेहरा नहीं बनाते हैं और राजग में वापस नहीं आते हैं।
एमीम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार में बीजेपी की ”बी टीम” होने के दावे को शनिवार को खारिज कर दिया। जुतेब है कि राज्य विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी की पार्टी द्वारा ”धर्मनिरपेक्ष वोट” कथित रूप से काटे जाने के कारण सत्ताधारी ”महागठबंधन” के प्रत्याशियों की कई संदर्भों में हार हो गई थी। बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र का दौरा कर रहे सिकंदराबाद के सांसद ने कृपालु मंत्रियों का उनका भाजपा विरोधी होने का उपहास करते हुए कहा कि इसका कोई विकल्प नहीं है कि वह अभी एक और दलू चेहरा नहीं बनाते हैं और राजग में वापस नहीं आते हैं।
ओवैसी ने किशनगंज और संपूर्णिया की अपनी यात्रा के दौरान पापाराज़ी के साथ बातचीत कर रहे थे जहाँ उन्होंने नुक्कड़ सभाओं के दौरान छोटी-छोटी रैलियों को भेजा। दोषी है कि उनकी पार्टी के बिहार में पांच में से चार विधायक पिछले साल राजद में शामिल हो गए थे। गोपालगंज विधानसभा सीट के उपचुनाव में एमआईएम के उम्मीदवार के कारण वोटों के बंटवारे को प्रदेश में सत्ताधारी महागठबंधन (जिरा राजद, भर्ती कुमार की पार्टी जदयू, कांग्रेस और वाम दल शामिल हैं) केबीबी की हार के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था।
हालांकि, इस मामले में महागठबंधन नेताओं की शपथ के जवाब में ओवैसी ने राजद सुप्रीमों लालू प्रसाद पर कटाक्ष करते हुए कहा, ”अपने साले को तो रोको नहीं पाओगे। इन लोगों में भाजपा से मुकाबला करने की ताकतें हैं तो नहीं, हमें बलि का बकरा बनाना चाहते हैं। हालांकि हमें तीन लाख से अधिक वोट मिले लेकिन यह सीट कांग्रेस की झोली में चली गई। देश भर में 19,000 व्यापक चुनाव मुकाबला। बीजेपी की 300 से अधिक सीटें हासिल करने के लिए उन पर हम पर आरोप मढना बेतुका है।”
गोपालगंज विधानसभा सीट के उपचुनाव में राजद ने बीजेपी को जबरदस्त टक्कर दी थी और उनके उम्मीदवार 2000 से कम मतों के मामूली अंतर से हार गए थे। इस उपचुनाव में एमआईएमआईएम उम्मीदवार 12000 से अधिक मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। गोपालगंज विधानसभा सीट के उपचुनाव में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद की पत्नी और पूर्व राबड़ी देवी के भाई साधु यादव की पत्नी एवं मायावती की पार्टी बसपा राय यादव को आठ हजार से ज्यादा वोट मिले थे।
ओवैसी ने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के छोटे बेटे उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव द्वारा नीतीश कुमार को ”पीएम सामग्री” बताएं जाने पर भी कटाक्ष करते हुए कहा, ”उन्होंने (राजद) भाजपा के साथ हाथ मिलाने पर निकु कुमार को पलटूराम बताया था जब उन्होंने पहली बार उन्हें धोखा दिया था। ओवैसी के भाषण ‘चार गद्दार’ के व्यभिचार से बौखलाए हुए थे जो एमआईएम के टिकट पर 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में जीते थे और बाद में राजद में शामिल हो गए।
उन्होंने निर्बल और राजद पर धन देकर अपनी पार्टी के रूप को अपने पक्ष में मिलाने का आरोप भी लगाया। उल्लेखनीय है कि ओवैसी की पार्टी में यह उस समय टूटा था जब निरंकुश राज में थे और राजदंड में थे। ओवैसी ने यह भी कहा कि नीतीश कुमार हमें केवल मुस्लिम की पार्टी कहते हैं। आप होते हुए कभी भी कुशवाहा और कुर्मी के अपने जानेधार से परे कभी नहीं पाए जा सकते।”
एमआईएम प्रमुख ने अटल बिहारी ब्लॉगिंग सरकार में मंत्री रहे नौकर पर हमला जारी रखा और सांप्रदायिकता का जिक्र करते हुए कहा, ”आप हमेशा उस व्यक्ति के रूप में याद करेंगे जो भाजपा को सत्ता में लाने में मदद की। गुजरात 2002 में जल रहा था और आपने नल उनके साथ सत्ता का आनंद लिया।” हैदराबाद के सांसद ने जुलाई 2017 में भाजपा के साथ गठबंधन करने वाले सक्रिय पर गोरक्षकों द्वारा सिनिस्टर द्वारा की गई हिंसा जो कि पहले राजस्थान और उत्तर प्रदेश में हुए थे , के लिए भी एलायंस के दल घटक के तौर पर दोषी होने का आरोप लगाया जाता है।
अस्वीकरण:प्रभासाक्षी ने इस खबर को निराशा नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआइ-भाषा की भाषा से प्रकाशित की गई है।



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