
मोतिहारी: जिले में लगातार PFI (PFI) को लेकर एनआईए (NIA) की कार्रवाई जारी है। एनआईए की टीम को रविवार देर रात एक बड़ी सफलता मिली। एनआईए ने पीएफआई मामले के सातवें सप्ताह इरशाद मो. बिलाल (मो. बेलाल) को जितौरा गांव से गिरफ्तार कर लिया। एनआईए ने मो. बिलाल को सांप्रदायिक द्वेष और शत्रुता फैलाने के लिए पीएफ़आई के आपराधिक आरोप में सक्रिय रूप से शामिल पाया गया।
मो. बिलाल PFI का सक्रिय सदस्य है
मो. बिलाल पूर्वी चंपारण के वार्ड 10 हरपुर का रहने वाला है। मो. बिला पूर्व के फुलवारीशरीफ में अहमद पैलेस शारीरिक शिक्षा की आड़ में आयोजित प्रशिक्षण में भाग लिया था। वह पीएफआई के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम और गतिविधियों से भी जुड़ी हुई थी। उसके निशानदेही पर मुजफ्फरपुर जिले के परसौनी गांव में एक ठिकाने से पीएफआई का बैनर और दो सीधी तलवारें बरामद की गईं.
छह हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
बता दें कि मोतिहारी में एनआईए ने रविवार को आठ स्थानों पर सपेमरी की थी जिसमें चकिया, मेहसी, मयूरबन सहित विभिन्न स्थानों पर स्थानीय पुलिस के सहयोग से कार्रवाई हुई थी। एनआईए ने कार्रवाई में तनवीर रजा और मोआबिद को गिरफ्तार किया था। दोनों बहादुरपुर गांव, मेहसी के रहने वाले दिखाओ जा रहे हैं। वहीं, इससे पहले चार लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। PIF से संबंधित कई आपत्तिजनक दस्तावेज़ ज़ब्त किए गए थे। शनिवार को तलाशी के दौरान कई डिजिटल उपकरण भी ज़ब्त किए गए थे।
आठ स्थानों पर दस्तावेज़ीकरण हुआ था
एनआईए की टीम ने रविवार को मोतिहारी में आठ स्थानों पर दस्तावेज कर दो को गिरफ्तार किया था। दोनों तय ने किलिंग को अंजाम देने के लिए देरी और गोला-डायराइट का अख्तियार किया था। शर्तों को पूरा करने के लिए रेकी पहले ही कर ली गई थी। हथियार और गोला-बारूद PIF ट्रेनर जैकब को सौंपे गए थे, जो PIF के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित कर रहा था। वहीं, कुछ दिन पहले पीएफ़आई के ट्रेनर जैकब ने एक लाइक फेसबुक पर वीडियो पोस्ट किया था। फेसबुक के अन्य यूजर्स ने इस पोस्ट पर आपत्तिजनक कमेंट किया और ट्रोल किया।



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