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24 वर्षीय राहुल गांधी की सदस्यता 25 मई को हो सकती है? क्या कहते हैं नियम

एएनआई

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने मांग की है कि राहुल गांधी की टिप्पणी की जांच के लिए एक विशेष जिल्द समिति बनाई गई और इस पर विचार किया गया कि उन्हें छह से छह बजे निष्कासित किया जाना चाहिए।

लंदन में अपनी “लोकतंत्र की मौत” टिप्पणी पर राहुल गांधी के जुए के मुद्दों पर कांग्रेस और भाजपा दोनों ने एड़ी-चोटी का जोर लगाया। अडानी-हिंडनबर्ग विवाद के साथ इन मुद्दों ने बजट सत्र को निर्धारित कर दिया है और विशेष योजनाओं की जांच की मांग करने वाले बीजेपी के साथ आगे बढ़ने की संभावना है। इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2023 में कांग्रेस के नेता शशि थरूर ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय लोकतंत्र पर अपनी यात्रा के दौरान राहुल गांधी की अपनी यात्रा के दौरान अपनी टिप्पणी के लिए मजाक की जरूरत नहीं है। थरूर ने कहा कि राहुल गांधी ने मजाक किया, ऐसा कुछ भी नहीं कहा।

थरूर ने कहा कि ऐसा लगता है कि बीजेपी इस बात पर जोर दे रही है कि लोकसभा में बोलने से पहले राहुल गांधी संसद के बाहर जोक मांगेंगे। यह दुख की बात है कि एक परिवार की अहंकारी संसद की संस्था ऊपर है… यदि वह संसद के प्रति गंभीर हैं, तो उन्हें संसद का सहारा लेने से पहले तुरंत बाहर नौकरी चाहने वाली होनी चाहिए। आप संसद को कमजोर करके उसका सहयोग नहीं ले सकते। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ट्वीट कर कहा, ‘पहले देश से जोक मांगें।

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने मांग की है कि राहुल गांधी की टिप्पणी की जांच के लिए एक विशेष जिल्द समिति बनाई गई और इस पर विचार किया गया कि उन्हें छह से छह बजे निष्कासित किया जाना चाहिए। दुबे ने कहा कि कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में राहुल का भाषण “अपमानजनक और अशोभनीय” था। यदि एक विशेष मंडल समिति का गठन किया जाता है, तो वह एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकता है। निशिकांत दुबे ने बुधवार को कहा कि उन्होंने 19 जून के सभापति ओम बिरला को पत्र लिखकर यूपीए-1 सरकार के दौरान नोट के बदले वोट घोटाले पर 2008 में बनाई गई एक सीमित समिति के गठन की मांग की थी। जिसके कारण अंततः 10 दिसंबर को सांसद और राज्यसभा के एक सांसद को बर्खास्त कर दिया गया।

ऐसे में अगर स्पेशल कमेटी बनी तो बीजेपी दिसंबर में बहुमत में है। ये कमेटी एक महीने में करीब अपनी रिपोर्ट देगी। जाहिर सी बात है कि इस हफ्ते बीजेपी के बहुमत होने के कारण समिति में बीजेपी के सदस्य ज्यादा होंगे। वो अगर राहुल को दशकों से सस्पेंड करते हैं और इस पर वोटिंग होती है तो मामला बीजेपी के पक्ष में जाएगा, यानी वो राहुल को वीडियो बनाने को लेकर जो चाहते हैं, वो हो जाएंगे।

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Saurabh Namdev

| PR Creative & Writer | Ex. Technical Consultant Govt of CG | Influencer | Web developer
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