
यूपी समाचार: कांग्रेस (Congress) का 58वां महाधिवेशन पिछला सप्ताह हुआ था. ये अधिवेशन छत्तीसगढ़ (छ.ग.) के रायपुर (रायपुर) में हुआ था। जिसमें कांग्रेस ने जातीय जनगणना (जाति जनगणना) और प्राइवेट सेक्टर में विवरण सहित कई मुद्दों पर बयान दिया था। जिस पर अब बीएसपी (बीएसपी) प्रमुख मायावती (मायावती) की प्रतिक्रिया आई है।
मायावती ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “कांग्रेस पार्टी द्वारा रायपुर अधिवेशन में जातीय जनगणना और निजी क्षेत्र में विवरण आदि को लेकर कही गई बातें छलावा और घोर चुनावी दुश्मन की उनकी राजनीति नहीं तो और क्या है, क्योंकि सत्ता में होने पर कांग्रेस ठीक है इसका उलटा ही करती है। बीजेपी का भी रवैया ऐसा ही छलवापूर्ण है।”
बसपा प्रमुख ने कहा, “साथ ही, घोषणा के चर्चित और महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर कांग्रेस, वीजेपी द्वारा एसपीए को आगे करके संबंधित बिल को संसद में पारित नहीं होने देने के जातिवादी स्वतन्त्रता को लेकर सलाह कौन दे सकता है, जिसका अति-दुःखद दुर्भाग्य से इन लघुनामों को आज छोटा पड़ रहा है।”
मायावती का बयान
बीएसपी प्रमुख ने कहा, “उनमें से एक बीएसपी विरोधी जाति के शपथयंत्र का परिणाम है कि सरकारी नौकरी और शिक्षा में इन संक्षिप्त विवरण का लगभग निष्क्रिय एवं निष्प्रभावी बन गया है तथा उनके आरक्षित सीट वर्षों से खाली हैं जबकि ईडब्ल्यूएस का नया लागू कोटा सरकार मुस्तैदी से भरती है। इसलिए हर स्तर पर सावधानी जरूरी है।”
उन्होंने कहा, “इतना ही नहीं कांग्रेस व अन्य जातिवादी पार्टियां सत्ता में रहती हैं विशेष रूप से जाली वर्ग को पार्टी संगठन में भी उच्च लिप्स पर कब्जा कर रहे हैं यानी दूसरों को ही पूरा महत्व और सत्ता से बाहर होने पर बुरे वक्त में। उनकी याद और उनके वोट के लिए घड़ियाली आंसू।”
नई रायपुर में हुई कांग्रेस के इस महाधिवेशन से पार्टी को और मजबूत करने पर विशेष फोकस रहा है। जिसमें एससी-एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक को पार्टी में भागीदारी बढ़ाने की रणनीति बनाई गई है। पार्टी आगामी आगामी आगामी चुनाव के लिए देश के बड़े वोट बैंक को साधने की कोशिश कर रही है। इनके लिए संगठन और सीडब्ल्यूसी में 50 प्रतिशत का परिणाम दिया जाएगा।



- लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
- विडियो ख़बरें देखने के लिए यहाँ क्लिक करें
- डार्क सीक्रेट्स की ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
- UNA विश्लेषण की ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें