
वनखंडेश्वर मंदिर : महाशिवरात्रि पर भिंड के शिवालयों में शिव भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। खंडेश्वर मंदिर, महाकालेश्वर मंदिर, त्रयंबकेश्वर मंदिर, कुंडेश्वर मंदिर, ईश्वर मंदिर, अर्धनारीश्वर मंदिर, अटेर इलाके में प्रसिद्ध बोरेश्वर धाम मंदिर, हमारी वन क्षेत्र में उसमेश्वर मंदिर, नारदेश्वर मंदिर में भक्तों का तांता लगा है। सुबह से ही शिव महादेव की आराधना में लीन हो जाते हैं। जिम्मेदार महादेव का गंगा जल से अभिषेक कर रहे शिवपर्व को मना रहे हैं।
11वीं सदी के प्राचीन वनखंडेश्वर महादेव के मंदिर में नजारा है। दर्शनार्थियों की रेखा करीब एक किलोमीटर लंबी हो गई है। रात 12:00 बजे से शिवभक्त जनेभिषेक की बारी का इंतजार करते हुए नजर आए। जिला मुख्यालय से लगभग 160 किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के श्रंगीरामपुर से शिवभक्त गंगाजल पैदल ला रहे हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।
ऐतिहासिक है वनखंडेश्वर महादेव का मंदिर
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अनुसार सम्राट पृथ्वीराज चौहान ने वनखंडेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण 11वीं सदी में किया था। 1175 में सम्राट पृथ्वीराज चौहान महोबा के चंदेल राजाओं से युद्ध करने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान इस बियाबान वनखंड में उनकी सेना ने पड़ाव डाल दिया था। कहा जाता है कि सम्राट पृथ्वीराज जागरण उठते ही शिव की पूजा करते थे।
उस दौरान उन्होंने वनखंडों में शिव मठ का निर्माण करकर शिवलिंग की स्थापना और विधि विधान से पूजा अर्चना कर आगे युद्ध पर निकल गए। 11वीं शताब्दी में भिंड का इलाका बियाबान वन क्षेत्र था। इसी कारण से इसका नाम वनखंडेश्वर पड़ा और आज भी वनखंडेश्वर महादेव मंदिर के नाम से जाना जाता है।
सम्राट पृथ्वीराज चौहान ने घोषणा की थी
मंदिर के उसी समय से अखंड ज्योति जल रही है। कहा जाता है कि चंदेल राजाओं से युद्ध में विजय के बाद लौटने पर सम्राट पृथ्वीराज चौहान ने एक बार फिर वनखंडेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना की और शिवलिंग के पास ही अखंड ज्योति को प्रज्वलित किया। अखंड ज्योति आज तक सीमंत रूप से जल रही है। ब्रिटिश राज में सिंधिया राजघराने ने ज्योति को जलाने के लिए पुजारी नियुक्त किए थे।
उनके वंशज आज भी पूजा अर्चना के साथ ज्योतिर्मय और मंदिर की देखभाल करते हैं। भिंड एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि वनखंडेश्वर मंदिर में भीड़ को राइडर करने के लिए करीब 200 सील का बल लगाया गया है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए कई थाना आरोपितों के साथ ही महिला पुलिस बल की भी दोबारा शुरुआत की गई है।



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