
अर्थराइटिस यानी गठिया की बीमारी जोड़ों को प्रभावित करती है। इस समस्या में ज्वाइंट में सूजन आ जाती है और समझ का अनुभव होता है। धीरे-धीरे यह बीमारी बढ़ती जाती है और आपके जोड़ों को पूरी तरह से अपनी चपेट में ले लेती है। पहले यह समस्या बढ़ती उम्र के लोगों को प्रभावित करती थी, लेकिन अब छोटी उम्र में भी लोग शिकार हो रहे हैं।
इसका कोई इलाज नहीं है। बचाव के तरीके अपनाते हुए आप सूजन को कम कर सकते हैं साथ ही दर्द को होने से रोक सकते हैं। एक्सरसाइज, डाइट कंट्रोल, वेट आदि जैसे अर्थराइटिस के दर्द को कंट्रोल करने में मदद करते हैं (जोड़ों के दर्द को कैसे नियंत्रित करें)। लेकिन कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ वास्तव में अर्थ को गलत मानते हैं।
आज वीडियो वीडियो लेकर आया है ऐसे ही पांच भोजन पदार्थों की जानकारी जिससे संबद्ध को पूरी तरह से बचना चाहिए। इन पदार्थों का सेवन उनकी स्थिति को खराब कर सकता है।
जॉइंट पेन को बढ़ावा देते हैं ये 5 फूड्स
1. एडेड शुगर युक्त खाद्य पदार्थ
एडेड शुगर युक्त खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए हर रूप में नुकसानदेह है। यदि आपको गठिया है, तो अतिरिक्त शुगर युक्त खाद्य पदार्थों से पूरी तरह से परहेज करें। सोडा, क्रीम, क्रीम और चटनी जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन गठिया की स्थिति में जोड़ों के दर्द को बढ़ावा दे सकता है।
नैशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन द्वारा अध्ययन किया गया जिसमें गठिया से पीड़ित व्यक्तियों को चीनी युक्त पेय और खाद्य पदार्थ दिए गए, कुछ समय बाद उनके जोड़ों में अधिक दर्द का अनुभव हुआ और गठिया के अन्य लक्षण भी भिन्न दिखाई देने लगे।
2. शोधन
शराब का सेवन गठिया के लक्षणों को बढ़ावा देता है। यदि किसी को इन्फ्लेमेटरी अर्थराइटिस है तो उन्हें शराब से पूरी तरह परहेज की सलाह दी जाती है। इसके अलावा शराब का सेवन गठिया के खतरे को भी बढ़ाता है।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन द्वारा प्रकाशित अध्ययनों में गठिया से पीड़ित रोगियों को 4 से 6 सप्ताह के लिए शराब के सेवन से परहेज रखने को कहा गया। परिणामस्वरूप उनके जोड़ों के दर्द में काफी आराम आ गया।
3. ग्लूट युक्त खाद्य पदार्थ
ग्लूटेन प्रोटीन का एक प्रकार है जो व्हीट, जौ, राई आदि में मौजूद होता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ मेडिसिन द्वारा प्रकाशित अध्ययनों के अनुसार ग्लूटेन युक्त खाद्य पदार्थ सूजन को बढ़ावा देते हैं और गठिया की स्थिति में ज्वाइंट पेन का कारण बन सकते हैं।
4. शुक्रवार और बताए गए भोजन
फ्राइड मीट और फ्रोजन फूड्स गठिया की स्थिति में जॉइंट पेन को बढ़ावा दे सकते हैं। वैराग्य और पैकेज्ड फ़ैक्टरी भी अटके होते हैं और अर्थराइटिस की स्थिति में इससे पूरी तरह से परहेज रखना चाहिए। अलग-अलग खाद्य पदार्थों को प्रिजर्व करने के लिए ये ट्रांस एड किए जाते हैं, जो गठिया रोगियों के लिए बिल्कुल भी उचित नहीं है।
इन खाद्य पदार्थों से परहेज से सूजन कम होती है और आपकी स्थिति में भी सुधार होता है। यह केवल गठिया नहीं बल्कि अन्य संगतता को भी बढ़ावा देते हैं।

चित्र: एक्सपोजर
5. रेड मीट
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ मेडिसिन प्रकाशित अध्ययनों के अनुसार रेड मीट में संतृप्त वसा की अधिक मात्रा मौजूद होती है। वहीं इन हाई टेंपरेचर परकेशन से इनमें से कई अन्य हानिकारक कंपाउंड की मात्रा भी बढ़ जाती है, जिसकी वजह से शरीर में सूजन बढ़ जाती है साथ ही जोड़ों का दर्द भी हो जाता है।
गठिया की स्थिति में इन खास एंटी इन्फ्लेमेटरी फूड्स का सेवन करें
रैंडम फल जैसे सेब, एप्रीकॉट, बेरी, कीवी, ऑरेंज, पाइनएप्पल एवोकाडो और केले का सेवन गठिया के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है। इसके साथ ही अलसी के बीज और जैतून के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। बादाम और अखरोट को अपने नियमित आहार का हिस्सा बनाएं साथ ही साथ हरे पत्ते जैसे कि ब्रोकली और पालक गठिया की स्थिति में असरदार रहेंगी।
अदरक, लहसुन और हल्दी के साथ ही ग्रीन टी, डार्क चॉकलेट, जोड़ों में यह सभी एंटी-इंफ्लेमेटरी होते हैं। आप इनका अपना आहार हिस्सा बना सकते हैं। फ्लैक्सीड, टोफू के साथ ही गोभी, गोभी, गोभी, मीठे आलू आदि भी बने रहते हैं।
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