
यह उन्हें कानून और व्यवस्था बनाए रखने, आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग करने, सामुदायिक पुलिस निगरानी बढ़ाने और प्रशासन के क्षेत्र में विभिन्न निगरानी के तहत पुरस्कार देता है।
नागपुर। महाराष्ट्र में जालना जिला पुलिस और नागपुर शहर पुलिस को राज्य में वर्ष 2021 के लिए सर्वश्रेष्ठ पुलिस इकाई का पुरस्कार मिला है। यह उन्हें कानून और व्यवस्था बनाए रखने, आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग करने, सामुदायिक पुलिस निगरानी बढ़ाने और प्रशासन के क्षेत्र में विभिन्न निगरानी के तहत पुरस्कार देता है। अतिरिक्त पुलिस भ्रम (कानून व्यवस्था) कुलवंत सारंगल ने मंगलवार को विजेता का नाम घोषित किया, जिसके अनुसार जालना पुलिस को श्रेणी ए और नागपुर पुलिस को श्रेणी बी में यह पुरस्कार मिला।
महाराष्ट्र पुलिस की ओर से जारी एक विश्वव्यापी दंड संहिता (आईपीसी) से कम भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) मामलों की पुलिस जांच को श्रेणी में रखा गया है, जबकि 6,100 से अधिक आईपीसी मामलों की पुलिस जांच को श्रेणी बी में रखा गया है। श्रेणी ए में रायगढ़ जिला पुलिस को दूसरा सर्वश्रेष्ठ पुलिस इकाई का पुरस्कार मिला, जबकि सिंधुदुर्ग जिला पुलिस ने सत्र पेश मामलों में सजा के लिए सर्वश्रेष्ठ इकाई, बीड जिला पुलिस को पुलिस गश्त के लिए प्रौद्योगिकी में सर्वश्रेष्ठ इकाई और गढ़चिरौली पुलिस को भीड़ पुलिस गश्त क्षेत्र में बेस्ट यूनिटी का अवार्ड मिला।
श्रेणी बी में पांचवीं शहर पुलिस ने दूसरा सर्वश्रेष्ठ पुलिस इकाई का पुरस्कार जीता, मीरा-भायंदर-वसई विरार पुलिस ने पुलिस गश्त के लिए प्रौद्योगिकी में सर्वश्रेष्ठ इकाई का पुरस्कार जीता, जबकि सोलापुर ग्रामीण पुलिस ने दो पुरस्कार जीते। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पुलिस यूनिट्स ने 45 पूर्व-चयनित संकेतों का मूल्यांकन उनके प्रदर्शन के आधार पर किया। जालना बल पुलिस औरंगाबाद रेंज के अंतर्गत आता है।
इसी रेंज की औरंगाबाद ग्रामीण पुलिस को श्रेणी ए में 2020 के लिए सर्वश्रेष्ठ पुलिस इकाई का पुरस्कार मिला था। पिछले दो वर्षों से औरंगाबाद रेंज का प्रभार विशेष पुलिस महानिरीक्षक मल्लिकार्जुन ने पीटीआइ-को बताया कि रेंज के आने वाली पुलिस इकाइयों को कार्रवाई के मामलों के साथ-साथ पुलिस व्यवस्था में सुधार करने का काम सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि नेटवर्क के संयुक्त प्रयासों से औरंगाबाद पुलिस रेंज को लगातार दो साल तक पुरस्कार जीतने में मदद मिली है।
अस्वीकरण:प्रभासाक्षी ने इस खबर को निराशा नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआइ-भाषा की भाषा से प्रकाशित की गई है।



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