
एमपी समाचार: इंदौर जू (इंदौर चिड़ियाघर) प्रशासन ने बढ़ती गर्मी से पशुओं को खाने के लिए तापमान को संतुलित करने का आदेश दिया है। हर साल की तरह इस साल भी बढ़ती गर्मी के कारण चिड़ियाघर प्रशासन ने अलग-अलग जानवरों के लिए अलग-अलग आहार लिए हुए हैं। गर्मी के प्रकोप से इंसान के साथ ही जानवर भी हल्काकान नजर आ रहे हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय (कमला नेहरू प्राण संग्रहालय) के प्रबंधन द्वारा गर्मी से पशुओं को बचाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में 60 प्रजातियों की 600 से अधिक वन्यप्राणी हैं। इंदौर में करीब 40 डिग्री तापमान के कारण भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। इसी गर्मी से इंसान के बीच जानवर का भी बुरा हाल है। कमला नेहरू जानवरों के संग्रहालय के जानवरों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए नगर निगम ने यहां जानवरों के पिंजड़ों में एयर कूलर, फव्वारों और जलयोजन का प्रबंध किया है। वहीं इस जू में शेर, मार्मोसेट, बंदर, इगुआना और तोते जहां कूलर की ठंडी हवा का मजा ले रहे हैं तो टाइगर के लिए फव्वारों से गर्मी से राहत का अधिकार दिया गया है।
हिरण और मोर के लिए जल के विशेष अधिकार
कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय के इंचार्ज डॉक्टर उत्तम यादव ने बताया कि जब भी गर्मी में तापमान बढ़ता है तो जानवर भी समानता महसूस करते हैं। हालांकि हमने बहुत घना पौधारोपण किया लेकिन फिर भी शेर, बाघ, भालू, मार्मोस्ट आदि के कूलर के लिए व्यवस्था की गई है। इसके अलावा हिरण और मोर के लिए जल निकायों का निर्माण किया जाता है। नील गाय, चिंकारा और रैप्टर के लिए फाउंटेन का अख्तियार किया गया है। हमारा यही प्रयास है कि इन्हें गर्मी से राहत मिले। कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में आने वाले पर्यटक भी जानवरों के लिए देखे गए एयर कूलर और फाउंटेन देखकर काफी खुश दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि ये जानवर जानवरों को गर्मी से राहत देने के लिए बहुत अच्छे हैं। यह सबसे अच्छी शुरुआत है।
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