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भारत को टैरिफ बैन के बाद अमेरिकी बाजार में संघर्ष, जानिए किस सेक्टर को होगा सबसे ज्यादा नुकसान

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ नीति की घोषणा के बाद भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट देखी गई, और कई सेक्टरों में चिंता बढ़ गई है। ट्रंप प्रशासन ने भारत से आयात पर 26 प्रतिशत टैरिफ लगाने का फैसला किया है, जिसका असर भारतीय उद्योगों पर पड़ने वाला है। इस टैरिफ को यूरोपीय संघ और जापान पर लगाए गए टैरिफ से भी ज्यादा माना जा रहा है।

इन 4 सेक्टरों पर पड़ेगा खास असर:

  1. फार्मास्युटिकल्स: भारत का फार्मास्युटिकल सेक्टर फिलहाल इस टैरिफ से बचा हुआ है, लेकिन भविष्य में इसका असर हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, फार्मा स्टॉक्स पर इसका कम से कम प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि वे पहले से 10 प्रतिशत टैरिफ की कीमत तय कर चुके हैं। हालांकि, अमेरिकी बाजार के महत्व को देखते हुए इन सेक्टरों को सतर्क रहना होगा।

  2. ऑटोमोबाइल: भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग, जो अमेरिका को करीब 3 प्रतिशत निर्यात करता है, पर 26 प्रतिशत टैरिफ का असर पड़ने की संभावना है। इससे अमेरिकी बाजार में भारतीय ऑटोमोबाइल की प्रतिस्पर्धात्मकता घट सकती है, साथ ही उत्पादन लागत में वृद्धि हो सकती है।

  3. विनिर्माण और सामान्य निर्यात: भारत का व्यापक विनिर्माण क्षेत्र इस टैरिफ के बोझ तले संघर्ष करेगा, जिससे निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता और धीमी वृद्धि पर असर पड़ सकता है। यह भारत की जीडीपी पर 50 आधार अंकों का प्रभाव डाल सकता है।

  4. आईटी और सेवाएं: हालांकि टैरिफ भौतिक वस्तुओं पर केंद्रित हैं, आईटी और सेवा क्षेत्र को सीधे असर नहीं होगा। फिर भी, अमेरिकी विवेकाधीन खर्च में गिरावट से भारतीय आईटी कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है, जो अमेरिकी बाजार पर निर्भर हैं।

 यह टैरिफ नीति भारतीय उद्योगों के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है, खासकर फार्मा, ऑटोमोबाइल, और विनिर्माण क्षेत्रों के लिए। आईटी क्षेत्र को भी अप्रत्यक्ष रूप से नुकसान हो सकता है। भारतीय कंपनियों को इन नए बदलावों के साथ सामंजस्य बैठाने की जरूरत होगी।

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Saurabh Namdev

| PR Creative & Writer | Ex. Technical Consultant Govt of CG | Influencer | Web developer
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