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राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने जुपिटरवार को प्लाटून की एक फोटो पोस्ट करते हुए ट्वीट किया, भारत अबेई में संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत हमारी बटालियन के हिस्से के तौर पर महिलाओं की संयुक्त शांतिरक्षक प्लाटून को नियुक्त कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा में सबसे मजबूत सैनिक देशों से एक भारत में अबेई महिला शांति रक्षकों की एक प्लाटून नियंत्रित कर रही है। भारत यहां 2007 से अब तक संयुक्त राष्ट्र मिशन में देश की सबसे बड़ी महिला इकाई ब्लू हैलमेट को नियंत्रित कर रहा है। इस कदम से शांतिरक्षक सेना में महिलाओं की संख्या महत्वपूर्ण रूप से बढ़ने की वजह से भारत की मंशा दिखती है। राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने जुपिटरवार को प्लाटून की एक फोटो पोस्ट करते हुए ट्वीट किया, भारत अबेई में संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत हमारी बटालियन के हिस्से के तौर पर महिलाओं की संयुक्त शांतिरक्षक प्लाटून को नियुक्त कर रहा है।
दशक के वर्षों में महिला शांतिरक्षकों की यह सबसे बड़ी संख्या है। उन्हें चुनौती। राष्ट्र के लिए भारत के स्थायी मिशन ने एक बयान में कहा है कि अबेई में महिला शांति रक्षकों की प्लाटून छह जनवरी को 2023 को संयुक्त राष्ट्र व्यवस्था सुरक्षा बल, अबेईयू (संयुक्तएनआईएसएफए) में भारतीय बटालियन के हिस्से के रूप में नियुक्त की गई है। इस बयान के अनुसार, सबसे पहले वर्ष 2007 में लाइबेरिया में महिला शांतिरक्षकों की प्लाटून का संचालन करने के बाद संयुक्त राष्ट्र मिशन में यह भारत की सबसे बड़ी एकल महिला प्लाटून की फिर से शुरुआत हुई है। पिछले साल 31 अक्टूबर तक भारत संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षक मिशन में बांग्लादेश के बाद दूसरा सबसे बड़ा सैन्य खोजकर्ता देश है। कुल 12 मिशन में भारत के 5,5887 सैनिक और कर्मी भेजे जा चुके हैं।
अस्वीकरण:प्रभासाक्षी ने इस खबर को निराशा नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआइ-भाषा की भाषा से प्रकाशित की गई है।
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