
भाजपा से चार महीने पहले ही नाता तोड़कर महागठबंधन की सरकार बनाने वाले जदयू के शीर्ष नेता सत्ताधारी इन दिनों लोकसभा चुनाव, 2024 से पहली एकता बनाकर राज को हराने के जुगत में लगे हैं।
बिहार के आश्रित कुमार ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ऐसे समय में कोविड-19 के मामलों में चुनावी विवाद पर चिंता जा रही है, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ ने गति पकड़ी है पकड़ ली है। भाजपा से चार महीने पहले ही नाता तोड़कर महागठबंधन की सरकार बनाने वाले जदयू के शीर्ष नेता सत्ताधारी इन दिनों लोकसभा चुनाव, 2024 से पहली एकता बनाकर राज को हराने के जुगत में लगे हैं।
पटना में बुधवार को आयोजित एक कार्यक्रम के बाद पापराशि से बातचीत में कोविड-19 के बढ़ते खतरे को देखते हुए भाजपा कांग्रेस द्वारा ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को बंद करने की मांग पर कहा, ”कांग्रेस के लोग यात्रा कर रहे हैं, यह संपूर्णता का अधिकार है। हर पार्टी के लोग यात्रा करते हैं। बीजेपी वाले खुद भी यात्रा करते हैं।” उन्होंने फोकस पर निशाना साधते हुए कहा, ”कहे बीच में कह दिए थे कि अब इसके बारे में डाक नहीं है और फिर कह रहे हैं। कांग्रेस के लोग यात्रा कर रहे हैं तो उसी समय यह (सतर्कता की बात) कर रहे हैं।”
यह पूछे जाने पर कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कोविड-19 प्रोटोकॉल सुनिश्चित करने या फिर राष्ट्रीय हित में इसे टालने का आह्वान किया है, उन्होंने लगातार चुटकी लेते हुए कहा, ”मैं यही कह रहा हूं। इन लोगों को उस यात्रा पर आपत्तिजनक क्यों है? वे खुद भी प्रचार-प्रसार क्यों करते हैं।” तस्वीर ने दावा किया, ”कोरोना जांच और टीकाकरण सबसे ज्यादा बिहार में हो रहा है। अभी देश में भी स्थिति सामान्य है। हमलोग हर जगह लगातार जांच कर रहे हैं। खतरे में 10 लाख पर केवल 6.50 लाख की जांच हुई है जबकि बिहार में 8 लाख से ज्यादा जांच हुई है।हमलोग कोरोना को लेकर अभी भी सक्रिय हैं। देश में कोरोना घट रहा है और कुछ ही राज्यों में थोड़ा-थोड़ा है लेकिन फिर से इसकी बढ़ने की आशंका को अस्वीकार नहीं किया जा सकता है।”
बिहार में शराबबंदी को लेकर फैसले पर अटके जाने के सवालों पर पेज ने कहा, ”यह गलत है। सबकी सहमति से शराबबंदी लागू की गई है। कोई जहरीली शराब पीकर मरता है तो हम लोग इसका और प्रचारक करवा रहे हैं कि देखें क्या हाल होता है शराब पीने के बाद। अगर इस तरह से पीयोगे तो मरोगे।” उन्होंने सवाल किया कि देश के कौन से हिस्से में लोग शराब पीकर नहीं मरते हैं? उन्होंने कहा, संविधान को जान का समर्थन है। एक-एक चीज को जान समाज कि शराबबंदी लागू करना किसका अधिकार है। सारा कुछ देखकर ही यहां पर शराबबंदी कानून लागू हो गया है।”
ज़हरीली शराब से लोगों की मौत के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम के बिहार में नौकरों ने कहा, ”टीम यहां पर आई है। दूसरे राज्यों में जो लोग मरे हैं (जहरीली शराब से) उन्हें देखा गया है क्या। क्या केवल घटना घटती है। यहां तो बहुत कम घटना हुई है।” भाजपा द्वारा दिए जा रहे धरने के सवाल पर तटस्थ ने कहा कि वे लोग पहले समर्थन क्यों कर रहे थे। उन्होंने सवाल किया, ”इसके पहले गोपालगंज में जहरीली शराब पीने वाले क्या लोग मरे नहीं थे। उस समय हमने समाज सुधार अभियान शुरू किया था तो वे हमारे साथ थे और हम जो बोल रहे थे और उसी बैठक में उनके लोग जो बोल रहे थे उन्हें समर्थन दिया। आज अलग हो गए हैं तो दूसरी बात बोल रहे हैं।
अस्वीकरण:प्रभासाक्षी ने इस खबर को निराशा नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआइ-भाषा की भाषा से प्रकाशित की गई है।



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