
बच्चों के खान-पान और स्वास्थ्य के अलावा स्वच्छता को बनाए रखना भी बेहद जरूरी है। हर रोज दांत साफ करना और नहाने से लेकर त्वचा की देखभाल सहित सब कुछ जरूरी है। बच्चों में पर्सनल हाइजीन को मेंटेन रखने के लिए कुछ बातों का ख्याल रखना बहुत जरूरी है। इस बढ़ती उम्र में किसी भी समस्या से बच सकते हैं। जानिए, वो कौन सी ऐसी बातें हैं, सच में किड्स जैनिटल हाइजीन ((बच्चों के जननांगों की स्वच्छता) के दौरान ख्याल रखना जरूरी हैं।
जेनिटल्स हाइजीन के लिए इन टिप्स को फॉलो करें
अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स यानी आप के अनुसार हर हफ्ते तीन बार स्नान करने की सलाह दी जाती है। साबुन के साथ-साथ वाश का भी प्रयोग किया जा सकता है। इनके अनुसार रोजना साबुन से नहाने से त्वचा पर रूखापन आने लगता है। बच्चों को अगर आप एक दिन नहाते हैं, तो उनके लिए साबुन और बाथटब का इस्तेमाल करने से बचें।
मेल खाते को ये बातें सिखाएं
1. पीनस की सफाई जरूरी है
जैसे बच्चा बड़ा होकर उसे समझाता है कि शरीर के बाकी अंगों के बराबर पीनस की सफाई भी बहुत जरूरी है। इससे इचिंग और अन्य प्रकार के इंफैक्शन से बचाव किया जा सकता है। फोरस्किन को हटा दें पीनस स्पष्ट करने से भी बचें। इससे गर्मी के मौसम में बार-बार होने वाली समस्या से बचा जा सकता है। साथ ही ओवरवॉश करने से भी बचें। इसी त्वचा संबन्धी समस्या होने का खतरा रहता है।
2. अत्यधिक सोप न करें प्रयोग
बच्चों को ये बात समझाएं कि फोरस्किन हटाने के बाद साबुन का प्रयोग न करें। इससे इरिटेशन का खतरा बना रहता है। इसके अलावा अगर नहाने के दौरान स्मॉग यानी सफेद फलूइड नजर आता है तो उससे ना डरें। वो पूरी तरह से नॉर्मल है। जेलिटल्स को रोना साफ करने के साथ उचित तरीके से स्वक्ष् बनाए रखना जरूरी है।
3. जोक लाइन संक्रमण से बचें
बच्चों को टाइट अंडरगार्मेस न लुक की हिदायत दें। इसके अलावा कॉटन इनर वेयर ही पहले। इसी स्किन ब्रीथेबल रहती है। साथ ही जोक लाइन इंफेक्शसन से आसानी से बचा जा सकता है। इससे बच्चे दिनभर कैफेटेंबल बने रहें। इसी जेनील्स फ्री फील करते हैं। साथ ही त्वचा संक्रमण मुक्त रहता है।
फीमेल बचपन को ये बातें बताएं
1. वजाइनल सफाई
अपने वजाइना को साफ करने के लिए साबुन का प्रयोग करने से बचें। इससे खुजली की समस्या बढ़ सकती है। हर बार यूरिन पास करने के बाद वजाइन को साफ करें अन्यथा रिंग वार्मस और अन्य प्रकार के संक्रमण का खतरा रहता है। एनसीआईबीएन के अनुसार फीमेल जैनीटल्स में बड़ी मात्रा में सूक्ष्म संगठन पाए जाते हैं। इन्हें माइक्रोफ्लोरा के तौर पर जाना जाता है।
2. बैक टू बैक
वजाइना की स्वच्छता के अलावा कूल्हों को साफ सुथरा रखना भी बेहद जरूरी है। नहाते समय योनि को साफ करने के साथ कूल्हों की सफाई का भी ध्यान रखें। इसके चलते हम कई तरह से बचत कर सकते हैं।
3. स्राव हाइजीन
ग्रोइंग गर्ल्स सेक्स के बारे में बातचीत करें। उन्हें पैड के इस्तेमाल से लेकर डिस्पोज़ तक सब कुछ समझ में आ जाता है। इन खास दिनों में वजाइनल हेल्थ को बनाए रखने की जानकारी दें। उन्हें हर महीने और किसी भी समय सारिकल का महत्व नहीं देना चाहिए।

डाइपर बदलते समय
वेट क्रिएटर्स की मदद से एरिया को पूरी तरह से क्लीन करें। इस बात का ख्याल रखें कि दौड़ने से बचें। इससे रैजेज होने का खतरा बना रहता है। इसके अलावा प्राइवेट पार्टस को साफ करने के बाद उसके कपड़े साफ करें।
बच्चे की पर्सनल हाइजीन को लेकर रखें इन बातों का ख्याल
1. रोजाना नहलाएं
बच्चों के निजी हिस्से की स्वच्छता बनाए रखने के लिए उन्हें रोजाना नहलाएं। इससे इचिंग, बैड स्मॉल और संक्रमण का खतरा कम हो जाता है। बच्चों को नहलाते वक्त कैमिकल युक्त आवास का उपयोग न करें। बच्चों की त्वचा के होश से मुलायम आवास का उपयोग करें। इससे उनका शरीर हेल्दी और तंदुरुस्त बना रहेगा।
2. बार बार हाथ धुलाएं
हर बार यूरिन पास करने के बाद हाथ धोने की आदत डालें। इसके अलावा उन्हें समझाते हैं कि खाने से पहले और बाद में हाथ साझा करना बहुत जरूरी है। हाथों पर सागर कीटाणु हमारे शरीर के लिए अनहेल्दी साबित हो सकते हैं। हाथों को धोने के बाद बेशक पोछें। इसके अलावा हाथों के वाश के लिए अत्यधिक सुगंध वाले पदार्थों का प्रयोग करने से भी बचें।
3. दांतों की सफाई
सुबह उठकर और रात को सोने से पहले बच्चों के दांतों की सफाई बेहद जरूरी है। ओरल हाइजीन को बनाए रखने के लिए टंग की सफाई और दांत बनाना बहुत जरूरी है। इससे बच्चे के मुंह से आने वाले दुर्गंध की समस्या से बचा जा सकता है। बच्चों के दांत स्वस्थ और संक्रमण अनुपयोगी रहते हैं।
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