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खबर विशेष: मंत्री अकबर के कार्यालय के नीचे अवैध निर्माण… आखिर किसका संरक्षण… 

कवर्धा। मंत्री मोहम्मद अकबर के कार्यालय के नीचे अवैध निर्माण कार्यों पर जिला प्रशासन मेहरबान है।

जनपद पंचायत अपने संपत्ति पर हो रहे अवैध निर्माण कार्यों पर रोक नहीं लगा पा रही है।

जनपद पंचायत कवर्धा भवन के ऊपर कवर्धा विधायक मोहम्मद अकबर का कार्यालय है वही बिल्डिंग के नीचे सामने हिस्से में 9 कांप्लेक्स जनपद पंचायत के द्वारा बनाया गया है जिसमें एक मेडिकल स्टोर संचालक के द्वारा दो कांप्लेक्स पर अपने मनमानी तरिके से कांप्लेक्स पर अवैध रूप से अपने मन मुताबिक तोड़फोड़ कर अपने मन मुताबिक निर्माण कार्य करा रहा है।

बता दे कि तोड़फोड़ होने से पहले वहां पर पान ठेला से अपने जीवन यापन करने वाले कोमल चंद्राकर पिता अपितु राम चंद्राकर के द्वारा जनपद पंचायत में इसकी सूचना दी थी और अपने आवेदन में लिखा था की मैं कोमल चंद्राकर कवर्धा जिला कबीरधाम का निवासी हूं जो कि 2012 से जनपद पंचायत भवन के दुकान क्रमांक 1 के साइट पूर्व दिशा में अपना ठेला लगाकर अपना व अपने पूरे परिवार का जीविकोपार्जन कर रहा हूँ यह की जब जनपद पंचायत भवन नक्शा के आधार पर भवन बनाकर तैयार हुआ तो दुकान क्रमांक एक कि पूर्व में सट्टार नहीं था इसी के चलते मैं अपना ठेला वही लगाकर उसी के सहारे अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा हूँ। मेरे पास कवर्धा में रहने के लिए मकान एवं जमीन नहीं है और मैं किराए के मकान में रहकर इसी ठेला के आय से अपने परिवार का पालन पोषण करता हूँ। मेरे दो छोटे-छोटे बच्चे हैं जो कक्षा सातवीं और दसवीं में अध्ययन हैं। अतः महोदय से निवेदन है कि मेरा और मेरे पुरे परिवार को ध्यान रख कर उचित निर्णय ले।

बता दें की उपरोक्त मेडिकल संचालक द्वारा दबंगई पूर्वक पान ठेला संचालक के ठेले को बिना उसकी जानकारी के हटवा दिया गया ।

वही श्री मेडिकल के संचालक विकास जैन से इस विषय पर चर्चा किया गया तो बताया कि मेरे द्वारा जनपद पंचायत को आवेदन पत्र दिया गया है। उसके बाद ही मैं दुकान पर अपने मुताबिक कार्य करा रहा हूँ।

वही मामले पर कवर्धा जनपद पंचायत सीईओ केशव राम वर्मा से इस विषय पर बात किया गया तो बताया कि संबंधित संचालक को नोटिस जारी किया गया है। सामान्य सभा की बैठक में निर्णय लेकर कार्यवाही की जावेगी।

क्या कहता है कानून

इस प्रकार के कृत्य पर संगीन अपराध दर्ज हो सकता है। बता दें कि भारतीय दंड संहिता के धारा 425 के तहत सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर संबंधित व्यक्ति को 5 साल की सजा व जुर्माना भी हो सकता है। जो कि एक गंभीर अपराध है गैर जमानती है और न्यायाधीश द्वारा विचारणीय है।

क्या कहता है सूत्र

विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार सामान्य सभा की बैठक हो चुका है। बैठक में ना ही इस विषय को एजेंडा में शामिल किया गया था ना ही किसी प्रकार से चर्चा किया गया। इससे यह शंसय होता है कि जनपद पंचायत भी इस कृत्य पर शामिल हो.

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Saurabh Namdev

| PR Creative & Writer | Ex. Technical Consultant Govt of CG | Influencer | Web developer
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