
क्रिएटिव कॉमन
एनएच-48 का मामला भी कुछ ऐसा ही है। दरअसल, राजस्थान में दिल्ली-जयपुर हाईवे का एक हिस्सा लटका पड़ा है। काम नहीं हो रहा है। ऐसे में जनता की ओर से इसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। लेकिन इसके पीछे की कहानी कुछ और ही है।
कभी-कभी प्रॉजेक्ट में नहीं लिखते, किसी से लड़ते नहीं, लेकिन अपनी बात कहने से पीछे नहीं हटते। फोकस से दूर रहने वाले नितिन गडकरी, क्लीन इमेज वाले नितिन गडकरी, सॉफ्ट स्पोकन नितिन गडकरी और निर्णय होने के साथ-साथ सही और बड़े फैसले लेने वाले नितिन गडकरी, जिनका काम करने का अपना अलग ही स्टाइल है। वे मंच से अपने दिल की बात बार-बार कहते हैं और अधिकारियों की बात भी सुनते हैं। अपने काम को लेकर बेहद ही संजीदा रहने वाले गडकरी की जब किसी चीज को लेकर आलोचना होने लगती है तो वो इसे भी ग्रेटाइट्स से मान लेते हैं।
एनएच-48 का मामला भी कुछ ऐसा ही है। दरअसल, राजस्थान में दिल्ली-जयपुर हाईवे का एक हिस्सा लटका पड़ा है। काम नहीं हो रहा है। ऐसे में जनता की ओर से इसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। लेकिन इसके पीछे की कहानी कुछ और ही है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उन्होंने एनएचआई के अधिकारियों से एनएच-48 के दिल्ली-जयपुर वॉल्यूम पर एक होर्डिंग लगाने को कहा है, जिसमें बताया जाएगा कि दिल्ली हाई कोर्ट के स्टैंड ऑर्डर के कारण खराब हुई सड़क का काम करने में में असमर्थ है। राजस्थान में हाइवे खंड जरजर स्थिति में है क्योंकि वर्तमान खाता ने काम बंद कर दिया है और एनएचआई के नोटिस को अदालत में चुनौती दी है।
गडकरी ने कहा कि हमें मुश्किल से ऐसे लोग मिलते हैं जो हमें नए काम के हाथ में लेने के लिए कहते हैं। लेकिन कई ऐसे भी होते हैं, जो हमेशा काम को रोकने की कोशिश करते हैं। अब, यात्री दिल्ली-जयपुर हाईवे पर वर्तमान स्थिति के लिए हमें शिकायत कर रहे हैं … मैंने एनएचआई के अधिकारियों को एक होर्डिंग लगाने का निर्देश दिया है कि उच्च न्यायालय ने स्थगन आदेश दिया है और वे शेष कार्य के लिए एक नया आदेश जारी नहीं कर सकते। एनएचआई ने लोगों को हो रही असुविधा के लिए जो जोड़ा है। ऐसा करके हम कोर्ट के प्रति अपना सम्मान दिखाएंगे और लोगों को तथ्यों से भी अवगत कराएंगे।
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