
अनिरुद्ध सिंह प्रोफाइल: हिमाचल प्रदेश (हिमाचल प्रदेश) में रविवार को भागीदार सुखविंदर सिंह सुक्खू (Sukhvinder Singh Sukhu) के मंत्रिमंडल विस्तार में युवा विधायक अनिरुद्ध सिंह को भी जगह मिली है. कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र (कसुम्प्टी विधानसभा सीट) से लगातार तीसरी बार जीत हासिल करने वाले अनिरुद्ध सिंह सुक्खू कैबिनेट के युवा मंत्रियों में से एक हैं। जिला परिषद के तौर पर अपनी सियासी यात्रा की शुरुआत करने वाले अनिरुद्ध सिंह आज हिमाचल प्रदेश कैबिनेट के सदस्य बने हैं। साल 2022 के विधानसभा चुनाव में अनिरुद्ध सिंह ने बीजेपी के कद्दावर नेता सुरेश भारद्वाज (सुरेश भारद्वाज) को 8 हजार 655 से वोटों से करारी शिकस्त दी है।
कसुम्पटी विधानसभा सीट पर देश के गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने भी प्रचार किया था, लेकिन इसके बावजूद अनिरुद्ध सिंह ने जीत की ट्रिक लगाई है। 27 जनवरी 1977 को स्पीक में पैदा हुए अनिरुद्ध सिंह मौजूदा समय में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव हैं। वे हिमाचल प्रदेश यूथ कांग्रेस के उपाध्यक्ष हैं। अनिरुद्ध सिंह व्यावसायिक व्यावसायिक क्षेत्र और राष्ट्रीय यूथ कांग्रेस के सहयोग भी रहे हैं। वर्ष 2005 में उन्होंने पहली बार जिला परिषद के सदस्यों के रूप में चुनाव लड़ा और चमियाना वर्ड से जीत हासिल की।
संचारी जिला परिषद के अध्यक्ष भी रहे हैं अनिरुद्ध सिंह
वर्ष 2011 से वर्ष 2013 तक अनिरुद्ध सिंह निष्क्रिय जिला परिषद के अध्यक्ष भी रहे हैं। अनिरुद्ध सिंह साल 2012 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़े और इसके बाद से लगातार जीत हासिल करते रहे। कैबिनेट मंत्री अनिरुद्ध सिंह वर्ष 2012 में अधिनायक विधायी समिति के सदस्य रह चुके हैं। इसके अलावा वेनस्थ विधायी और नियम समिति के भी सदस्य रहे हैं।
कांग्रेस ने कुसुम्पटी को पहली बार मंत्री पद दिया
50 साल के इतिहास में यह पहली बार है, जब कांग्रेस ने कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के विधायक को मंत्री बनाया है। आज तक कांग्रेस पार्टी ने यहां से किसी भी विधायक को मंत्री नहीं बनाया था। आखिरी बार 1998 में बीजेपी से दास कश्यप धूमल सरकार के दौरान शहरी विकास मंत्री रहे। यह नौवीं बार है, जब कसुम्पटी में कांग्रेस के विधायक जीते हैं। श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अपने करीबी 46 साल के अनिरुद्ध सिंह को अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया है। अनिरुद्ध सिंह के बनने से न केवल कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र का सूखा खत्म हुआ, बल्कि उनके झटकों में भी खुशी का माहौल है।



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