
हमारी लाइफ में वर्कप्लेस भी उतना ही जरूरी है, जितना छोटा घर। सुबह जल्दी तैयार होकर ऑफिस आना, फिर शाम को घर जाने की हिदायत। घर पर भी कहीं न कहीं ऑफिस वर्क की घबराहट (ऑफिस वर्क स्ट्रेस) से मुक्ति नहीं मिलती। इस टंशन (तनाव) को खुशी में बदलने के लिए कुछ खास तरीकों को अपनाना बेहद जरूरी है। इसके लिए अन्य तुलना करने से बचें। इसके अलावा खुद में बदलाव लेकर आना जरूरी है। आइए जानते हैं वर्कप्लेस पर खुश रहने के इन आसान तरीकों के बारे में।
ऑफिस लाइफ को हेल्दी और हैप्पी (खुशहाल और स्वस्थ कार्यालय जीवन) बनाने के लिए इस बारे में राजकीय मेडिकल कालेज हल्दवानी में मनोवैज्ञानिक डॉ युंज पंत दावेदार हैं कि खुद पर काम करना बेहद जरूरी है। जहां आप अपने कमियों को ढूढ़कर ठीक करें, तो वहीं अपनी छिपे की भी अनदेखी न करें। वर्कप्लेस पर हर किसी के मांद सेट को समझकर आगे बढ़ना बेहद जरूरी है। जानें कैसे खुद में बदलाव।

1.तनाव को करें कंट्रोल
ऑफिस में तनाव होना एक आम बात है। दिन भर काम के साथ साथ चैट्स (मीटिंग्स), डिस्कशन्स (चर्चाएं) और एक के बाद एक प्रोजेक्ट मैसेजिंग तनाव का कारण बन सकता है। हांलाकी की वजह से हमारे अंदर कहीं न कहीं ऊर्जा का संचार होता है और सर्तकता भी बढ़ती जा रही है। फिर भी अटैचमेंट एम्प्लॉय आपको इस बात को बताएगा कि काम का दूसरा नाम सात्रास है। जो कहीं न कहीं हमारी जवाबदेही का एक अहम फैक्टर साबित होता है।
2. लोगों की संगति में रहें
ऐसा देखा गया है कि यदि आप नियमित रूप से नकारात्मक लोगों से फर्जी व्यवहार करते हैं, तो उनका ओरा आप पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। ऐसे में हर घंटे खुश रहे और ऐसे लोगों से मेलजोल को नौकरी, जो दिनभर संदेश देते रहें। उन लोगों के बीच बैठे हुए, जिनके भीतर दूसरों के प्रति जैलेसी या जलन की भावना न हो।
3. बुराई करने से बचें
अगर आपको किसी की कोई भी बात अच्छी न लगे तो उसे वहीं पर छोड़ दें। मन में बैठे रहना और बार-बार उसी बात पर विचार करना आपको उसके अंदर से खोखला कर सकता है। इसके अलावा अन्य क्लीग्स से किसी और की बात को शेयर करना आपकी इमेज को और की नजर में खराब करने का काम करता है।
4. निश्चितता आवश्यक है
कार्यक्षेत्र पर सफल होने के लिए अपने अंदर विश्वास पैदा करें। दरअसल, अगर आप खुद पर भरोसा करेंगे, तो किसी दूसरे पर आपकी जमा गारंटी होगी। अगर आप हर समय परेशान रहते हैं और नर्वस रहते हैं, तो आपका कोई प्रोजेक्ट आसानी से शामिल होने से बच जाएगा। ऐसे में अपने अंदर की धारणा को दुनिया और इस बात को अपने अंदर भर लें कि आप हर काम कर सकते हैं।

5. सीखने से पीछे न हटें
कुछ वर्षों के अनुभवों के बाद अक्सर लोगों को लगता है कि हम सब कुछ आ गए हैं और अब हमें कोई कुछ नहीं सिखा सकते। ये एटीट्यूट आपकी परेशानी का कारण साबित हो सकता है। वर्कप्लेस पर आगे बढ़ने और खुश रहने के लिए आपके अंदर हर घंटे कुछ नया सीखने की ललक होना जरूरी है। सीखने आपको अन्य लोगों के करीब लेकर आता है। साथ ही सीनिया और जूनियर के बीच में रहने वाले भी सीखने की प्रवृत्ति के कारण कम होते हैं।
6. काम के प्रति सतर्क
अगर आप अटैंटिव हैं और अपने काम के प्रति सतर्क हैं, तो वर्कप्लेस पर छोटी मोटी चिंताएं आपको परेशान नहीं करती हैं। अपने काम को इमानदारी से करना और शॉर्टकट न अपनाना आपके काम की गुणवत्ता को बढ़ाने का काम करता है।
7. रचनात्मकता जरूरी है
अगर आपके पास नए उपाय हैं और आप काम करने के तरीकों को आसान बनाने के लिए प्रयास करते रहते हैं, तो ऐसे में आप अपने सैनियर्स के प्रभाव क्षेत्र में बने रहते हैं। उनके मेटा के दौरान नए कॉज़ शेयर करें। इससे आपकी उपस्थिति का हर दम एहसास होने लगता है। नए तरीके से काम को करना न केवल वर्क प्रोडक्टिविटी को प्राप्त करता है बल्कि काम को आसान करता है। नई तकनीक के इस्तेमाल से काम को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत रहें।
ये भी पढ़ें- हेल्दी रिलेशनशिप की बुनियाद सम्मान, रिश्तों में सम्मान होने का संकेत है



- लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
- विडियो ख़बरें देखने के लिए यहाँ क्लिक करें
- डार्क सीक्रेट्स की ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
- UNA विश्लेषण की ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें