
नरगिस दत्त ने उस चिट्ठी में मीना कुमारी के लिए लिखा था कि वह उम्मीद करती हैं कि अब कभी इस दुनिया में लौटें न कम और न ही जन्म लें।
नरगिस ने 1972 में शमा नाम की एक पत्रिका में मीना कुमारी के लिए उर्दू में एक चिट्ठी लिखी थी। यह चिट्ठी अब किताब ये उन दिनों की बात है: सिनेमा के दिग्गजों के उर्दू संस्मरण’ का हिस्सा है।
नरगिस और मीना कुमारी, फोटो: Twtter@FilmHistoryPic
‘मौत मुबारक हो मीना…’
नरगिस ने लिखा था, ‘तुम्हें मरने वाले मुबारक हो। मैंने ऐसा पहले कभी नहीं कहा। मीना आज तुम्हारी बहन (बड़ी बहन) तुम्हें मौत पर मुबारकबाद दे रही है। वह शक कह रहा है कि अब लौटो कभी इस दुनिया में कदम मत रखना। ये दुनिया आपके जैसे लोगों के लिए नहीं बनी है। ‘मैं चुप रहूंगी’ की शूटिंग के दौरान मेरे पति सुनील दत्त ने मुझे सेट पर बच्चों के साथ बुलाया था। वहां मेरी और मीना की दोस्ती हो गई और हम पक्की सहेलियां बन गईं। जब मैं दत्त साहब के साथ डिनर पर गया तो मीना ने संजय और नम्रता का ख्याल रखा। वह अपने कपड़े और दूध पिलाती हैं।’

मीना कुमारी की तस्वीर पर हार चढ़ीं नरगिस, फोटो: Twitter@BombayBasanti
जब बुरी तरह हांफ रही थीं मीना कुमारी
इस चिट्ठी में नरगिस दत्त ने फिर उस दिन का जिक्र किया था, जब वह एक रात की फिल्म की शूटिंग के लिए मद्रास जा रही थीं और तब वे होटल के गार्डन में मीना कुमारी जोर-जोर से हांफ रही थीं। नरगिस बुरी तरह से घबराई। लेकिन जब उन्होंने मीना कुमारी से पूछा तो उन्होंने कहा कि वह ठीक हैं। मीना कुमारी ने लाखों वर्कर पर भी कुछ नहीं बताया, पर नरगिस को शक हो रहा था कि कुछ और बात है, जो वह छुपा रही हैं। नरगिस दत्ता की यह संभावना तब यकीन में बदल गई जब उन्होंने एक रात मीना कुमारी के कमरे से आहत की आवाजें सुनीं। इसका जिक्र नरगिस ने अपनी उसी चिट्ठी में किया था।
नरगिस के चिट्ठी में आगे लिखा था, ‘मैं चमत्कार अमरोही के सेक्रेटरी बकार को पकड़ा और उनसे सीधे-सीधे पूछा कि आप लोग मीना कुमारी को क्यों गिराना चाहते हो? उसने तुम लोगों के लिए बहुत काम कर लिया। अब वो कब तुम लोगों को खिलाएगी?’ जवाब में क्रेक्रेटरी ने कहा, ‘जब सही नींद आएगी, हम उन्हें आराम देंगे।’

नरगिस और उनकी बेटी के साथ मीना कुमारी, फोटो: Twitter@BombayBasanti
पति का घर छोड़ शराब में डूब गया
शूट के बाद नरगिस और मीना कुमारी मुंबई लौट आईं और फिर काफी दिन तक एक-दूसरे से नहीं मिलीं। कुछ दिनों बाद नरगिस को खबर मिली कि मीना कुमारी ने जादू अमरोही का घर छोड़ दिया है और वह अलग रहने लगी हैं। दरअसल मीना कुमारी ने डायरेक्टर मैजिक अमरोही से शादी की थी। दोनों को फिल्मों में साथ काम करते-करते प्यार हो गया था। शादी के कुछ समय बाद ही मीना कुमारी और मैजिक अमरोही के बीच मनमुताव होने लगा और स्थिति काफी बिगड़ गई। मीना कुमारी पति का घर लौटने के बाद महमूद के घर जाकर रहने लगीं। इसी बीच ऐसी लीक होने लगी कि किना कुमारी ने खुद को शराब के नशे में डुबो लिया है। मीना सच में लिखने लगी थीं। स्थिति ऐसी थी कि मीना कुमारी घर और लोगों से छुपाकर शराब को डेटॉल की समुद्र में भरकर शत्रुं और मौका मिलते ही पी लेते हैं।

पति का कमाल अमरोही के साथ मीना कुमारी, फोटो: bollywooddirect.com
पति के सेक्रेटरी ने मीना कुमारी पर उठाया था हाथ
शराब का मीना कुमारी के शरीर पर बुरा असर होने लगता है। पेशेवर मीना कुमारी भले ही अच्छी हों रही हों, लेकिन उनकी निजी जिंदगी में बड़े सालाब रहकर उफान ले रही थी। इसी बीच मीना कुमारी को पीलिया भी हो गई थी। मीना कुमारी को अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। नरगिस जब मीना कुमारी से मिलीं तो काफी समचा और पूछा कि वह खुद को मारने पर क्यों तुली हैं? खुद को बर्बाद क्यों कर रहे हैं? तब मीना कुमारी ने नरगिस से कहा था, ‘बाजी मेरे सब्र की भी एक सीमा है। कमल साहब के क्रेटर की मुझ पर हाथ उठाने की ताकत कैसे हुई? जब मैंने इस बारे में सब कुछ शानदार को बताया तो लगा कि वो क्रेट्री बकार को निकाल देगा। परन्तु उन्होंने कहा कि घर चलो, मैं तय करूंगा कि क्या करना है। अब अजब साब को शामिल करना क्या था? अब मैंने तय किया है कि मैं उनके पास वापस नहीं जाऊंगा।’
बर्थ स्पेशल: जन्म के 5 दिन बाद ही मीना कुमारी को अनाथ छोड़ आए थे पिता
धर्मेंद्र से टूटा रिश्ता तो बिछड़ गए मीना कुमारी

धर्मेंद्र के साथ मीना कुमारी, फोटो : RetroBollywood
नरगिस दत्त ने अपनी इस चिट्ठी में बताया कि फिर मीना कुमारी की जिंदगी में धर्मेंद्र की एंट्री हुई। धर्मेंद्र और मीना कुमारी को एक दूसरे से प्यार हो गया था। धर्मेंद्र के साथ मीना कुमारी काफी खुश रहने लगी थीं। उनके जीवन में खुशियां लौट आई थीं। वह मीना कुमारी की जिंदगी का सबसे खूबसूरत दौर था। लेकिन एक भ्रम ने धर्मेंद्र को मीना कुमारी की जिंदगी से दूर कर दिया। फिर मीना कुमारी हमेशा के लिए टूट गईं। धीरे-धीरे मीना कुमारी की मौत करीब आने लगी और फिर 31 मार्च 1972 को उनकी मौत हो गई।



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