
पटना: बिहार में शराब मामले को लेकर सियासत में ग्लिटर पुथल है। बिहार सरकार किसी भी तरह से घोर अपराध करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। नेताओं के ताबड़तोड़ कंजेशन जारी हैं। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह (गिरिराज सिंह) ने सोमवार को बिहार के नौकरीपेशा कुमार (नीतीश कुमार) को सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बिहार में अब शराब की बात हो गई है जो निकुमार नहीं दिखाई देता है। यदि कोई नीति सफल नहीं हुई है, तो उस पर निरंतर चलना चाहिए।
‘नीतीश कुमार को शराब की नीति में समाने की जरूरत’
गिरिराज सिंह ने कहा कि कोई नीति सफल न हो तो उस पर निरंतर चलने की आवश्यकता है। आज बिहार में शराब हर जगह बन रही है, बिक्री हो रही है। बिहार में शराब वो हो गई है जो निकुंक हर जगह दिखाई नहीं देता है। लगातार कुमार को शराब नीति पर चलने की आवश्यकता है। बता दें कि लगातार बिहार में शराबबंदी को लेकर कई लोग उन्हें वापस लेने या लगातार करने की बात कह रहे हैं। सोमवार को भी इसी तरह के मुद्दों पर प्रभुता में आधिपत्य हुआ जिसके बाद दो बजे तक प्रभुता पर रोक लगा दी गई।
बिहार में शराब का तांडव
समाचार रीलों
बिहार में जहरीली शराब से कथित तौर पर अकेले छप्परा में 80 से ज्यादा लोगों की मर्जी बताई जा रही है। सीवान और बेगूसराय में भी कई लोगों की इसी वजह से मौत की बात कही जा रही है। हालांकि प्रशासन ने साफ कहा है कि बिहार में अब तक जहरीली शराब से 38 लोगों की छेडछाड हुई है। मद्य निषेध विभाग के मंत्री ने 38 लोगों की मौत की बात कही है। साथ ही स्पष्ट कहा है कि इन दोनों मित्रों से मित्रता का कोई प्रावधान नहीं है। मतलब साफ है कि बिहार सरकार किसी भी हाल में मृतक के रिश्तेदारों को नहीं देगी। इस बात पर अड़े हैं और लगातार ही हुक्म चला रहे हैं।
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