

एएनआई छवि
दिल्ली के कंझावला इलाके में 31 दिसंबर को हुई कार दुर्घटना के बाद जांच आगे बढ़ रही है। इस मामले में अब गुजरात के गांधीनगर से आई नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की टीम कार दुर्घटना में आशंकाएं और साझेदारी को बाध्य करती है।
दिल्ली के कंझावला में 31 दिसंबर को हुई कार दुर्घटना के मामले में आगे की जांच में मदद करने के लिए गुरजात के गांधीनगर से फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की टीम को बुलाया गया है। पांच सदस्यों की टीम ने एक्सीडेंट में उपयोग हुई गाड़ी की जांच की है। इस टीम ने दुर्घटना में अनुमान और नमूने एकत्र करने के लिए गुजरात के फोरेंसिक विशेषज्ञ सुल्तानपुरी का दौरा करेंगे।
पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता सुमन नलवा ने बताया कि मामले की जांच कर रहे डीसीपी (बाहरी) हरेंद्र के. सिंह के अनुरोध पर राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के पांच फोरेंसिक नामांकन की एक टीम जा रही है।
कोर्ट ने जमानत नहीं दी
इस मामले में दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने एक्स आशुतोष भारद्वाज की याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने विवेक को जमानत देने से इंकार किया है। कोर्ट ने कहा कि अभी जमानत नहीं दी जा सकती है क्योंकि पंच के खिलाफ जांच शुरुआती स्तर पर है। बा दें कि निर्णय के वकील ने अपराध की प्रकृति को जमानती करार देते हुए जमानत याचिका दायर की थी। ये भी शिकायत दी गई थी की घटना ने पुलिस से जांच में सहयोग किया है।
मामला जानें
बता दें कि अंजलि सिंह (20) की स्कूटी को एक कार ने 31 दिसंबर और एक जनवरी की दरमियानी रात को टक्कर मार दी थी, जिसमें वह कार के नीचे फंस गई और वाहन के साथ सड़क पर करीब 12 किलोमीटर दूर घसीटे जाने के कारण उसकी मौत हो गई। मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में अब तक कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में दीपक (26), अमित जेटली (25), कृष्ण (27), मिथुन (26) और मनोज मित्तल को सबसे पहले गिरफ्तार किया था। बाद में दो और लोगों- आशुतोष व हथेलियों पर प्रतिबंध – को कथित तौर पर भ्रम के आरोपों में गिरफ्तार किया गया।
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