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बिहार में शराब तस्करों के लिए इंजीनियरिंग, 8वीं तक पढ़े युवक ने बनाया अजब जुगाड़, दांत तड़प कर चले गए

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बिहार के वैशाली में शराब तस्करों में इंजीनियरिंग का इस्तेमाल।
उत्पाद विभाग ने शराब तस्करों के नए तरीके का खुलासा किया।
8वीं तक पढ़े-लिखे युवक ने किया शराब तस्कर का ईजाद अजूबा तरीका।

हाजीपुर। उत्पाद विभाग द्वारा लगातार हो रही कार्रवाई से शराब कारोबारियों में हड़कंप है, अवैध उत्पाद विभाग को चकमा देने के लिए शराब व्यवसायी लगातार नया नया प्रयोग कर रहे हैं। इसी कड़ी में उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना मिली कि राघोपुर दियारा से बाइक के माध्यम से शराब की तस्कर हो रही है। इसके बाद उत्पाद विभाग को उस बाइक का नंबर मिला, जिसके आधार पर पुलिस ने नोटिस जारी किया और शराब तस्करों के बारे में नए तरीके से खुलासा किया।

दरअसल, उत्पाद विभाग की टीम ने दियारा सेराय की ओर जा रही बाइक को रहिमापुर के पास रोक लिया। पहले लगा तो उत्पाद विभाग को कुछ हाथ नहीं, लेकिन जब गुप्त रूप से बाइक की जांच की गई तो बाइक की गति में पेट्रोल की जगह शराब भरी गई थी। इसलिए ही नहीं, बाइक चलाने के लिए बाइक की सीट के अंदर से पाइप के घुमाव तक पेट्रोल कनेक्शन का किया गया था। इस इंजीनियरिंग को देखकर उत्पाद विभाग के लोग भी दंग रह गए।

पढ़ाई के लिए पैसा नहीं था
पकड़े गए युवक का नाम मंजय कुमार है जो तेरसिया दियर का रहने वाला है जिससे पूछताछ की जा रही है। शराब से भरी बाइक के साथ पकड़े गए युवक मंजय ने बताया कि बचपन में पढ़ने का शौक था, लेकिन पैसा नहीं था इसलिए आठवीं तक पढ़ाई कर छोड़ दिया। आरोपियों ने आगे बताया कि घर में बैठे-बैठे ही बाइक से शराब तस्कर का ख्याल आया और फिर मेरे दिमाग से शराब ढोने के लिए बाइक की चंचलता का इस्तेमाल किया। बाइक चलाने के लिए सीट के अंदर से शॉक रेटर तक कनेक्शन देकर बाइक चलाने का जुगाड़ कर लिया। इनमें से 20 से 25 हजार रुपये आराम से महीने का हो जाता है। उसने बताया कि प्रति सौ रुपये देशी शराब खरीद कर लदान सौ रुपये लीटर बेचता है।

एक ही नंबर का इस्तेमाल
उत्पाद निरीक्षक अजित शेयर ने बताया है कि लगातार हो रही अकाउंटिंग के कारण शराब कारोबारियों का तरीका बदल गया है। सबसे हैरत की बात तो यह है कि एक नंबर का कई बार इस्तेमाल किया जा रहा है। नवंबर महीने में इसी नंबर की एक गाड़ी को उत्पाद विभाग ने शराब के साथ पकड़ा था और फिर उसी नंबर की गाड़ी से अनोखे अंदाज में शराब की तस्कर की जा रही है। मतलब साफ है कि पुलिस और उत्पाद विभाग की आंखों में धूल झोंकने के लिए इस तरह के तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

टैग: बिहार शराब तस्करी, बिहार के समाचार, हाजीपुर न्यूज

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Saurabh Namdev

| PR Creative & Writer | Ex. Technical Consultant Govt of CG | Influencer | Web developer
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