लेटेस्ट न्यूज़

भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी, लालू-राबड़ी को मिला पेशी का समन, मनीष सिसोदिया 20 मार्च तक तिहार गए

हम आपको बताते हैं कि यह मामला लालू प्रसाद के परिवार को तोहफे में जमीन दे या जमीन बेचने के बदले में रेलवे में कथित तौर पर दिए जाने से संबंधित है। यह मामला तब है जब लालू प्रसाद 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री थे।

भ्रष्टाचार के खिलाफ स्पष्टीकरण में जारी अभियान के तहत आज का दिन काफी महत्वपूर्ण रहा। दिल्ली में जहां शराब घोटाला मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को 20 मार्च तक जब्ती हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया वहीं बिहार में सीबीआई की एक टीम ने नौकरी के तहत जमीन धोखाधड़ी मामले की जांच की स्थिति में पूर्व शरण राबड़ी देवी से उनके आवास पर पूछताछ की। इस सबसे बड़े नेता बौखलाए हैं और अफसरों के खिलाफ कार्रवाई को प्रतिशोध की राजनीति या आलानी कार्रवाई करार दे रहे हैं। लेकिन कुछ के इन नेताओं को धोखा देना चाहिए कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जो अभियान चल रहा है, उसकी आलोचना करने के बजाय यदि सभी दल उसका एक सुर में समर्थन करते हैं, तो भारत से भ्रष्टाचार का खात्मा होने में देरी नहीं होगी।

बहरहाल, बात राबड़ी देवी की करें तो उसके बारे में अधिकारियों ने बताया कि आवास पर कोई तलाशी नहीं हुई या कोई छापा नहीं मारा जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने इस मामले में पहले ही आरोपपत्र दाखिल कर दिया है और विशेष अदालत ने पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद और उनके परिवार के सदस्यों तथा अन्य लोगों को 15 मार्च को अदालत में पेश होने के लिए सम्मन भेजा है। अधिकारियों ने कहा कि सीबीआई का दल इस मामले में आगे की जांच के हालात में ही पूर्व नंबर राबड़ी देवी से पूछताछ कर रहा है। पूछताछ खत्म होने के बाद राबड़ी देवी ने कहा कि हमारे यहां यह सब चलता रहता है क्योंकि भाजपा प्रतिशोध की राजनीति करती है।

हम आपको बताते हैं कि यह मामला लालू प्रसाद के परिवार को तोहफे में जमीन दे या जमीन बेचने के बदले में रेलवे में कथित तौर पर दिए जाने से संबंधित है। यह मामला तब है जब लालू प्रसाद 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री थे। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों को मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर में स्थित रेलवे के विभिन्न जोन में 2004-2009 के दौरान ग्रुप-डी पदों पर नियुक्त किया गया और इसके बदले में उन लोगों या उनके परिवार के सदस्यों ने लालू प्रसाद और एक इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के नाम पर अपनी जमीन ट्रांसफर की। बाद में इस कंपनी का स्वामित्व लालू प्रसाद के परिवार के सदस्यों ने अपने हाथ में ले लिया। यह भी आरोप लगाया गया है कि पूर्वा में लालू प्रसाद के परिवार के सदस्यों ने पांच बिक्री, दो उपहार के माध्यम से 1,05,292 वर्ग फुट जमीन से ली। इसके लिए घोषणा को नगद भुगतान करने को कहा गया। इस जमीन की कीमत वर्तमान सर्किल रेट के हिसाब से 4.32 करोड़ रुपये है, लेकिन लालू प्रसाद के परिवार को यह जमीन बहुत कम दाम में मिली है। साथ ही यह भी आरोप है कि नियुक्तियों के लिए रेलवे प्राधिकरण की ओर से जारी किया जा रहा है और पंजीकरण की आवश्यकता को लेकर सभी कर्मचारी नियमित रूप से जा रहे हैं। बहरहाल, राष्ट्रीय जनता दल के सभी भ्रष्टाचार को नकार रहा है और कह रहा है कि यह प्रतिशोध की राजनीति है।

दूसरी ओर, मनीष सिसोदिया की बात करें तो आपको बता दें कि दिल्ली की शराब नीति मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने मनीष सिसोदिया को 20 मार्च तक हिरासत में भेज दिया है। उन्हें ऐतिहासिक जेल में रखा जाएगा। सिसोदिया ने जमानत के लिए भी याचिका दी है जिस पर 10 मार्च को सुनवाई होगी। आज सिसोदिया की अदालत में पेशी के दौरान सीबीआई के वकील ने कहा, “इस स्थिति में हम और सीबीआई रिमांड नहीं मांग रहे हैं लेकिन अगले 15 दिनों में हम इसकी मांग कर सकते हैं।” वहीं सिसोदिया के वकील और आम आदमी पार्टी के विधायक सोमनाथ भारती ने कहा है कि विपश्यना सेल की उनकी मांग को कोर्ट द्वारा बंधक बना लिया गया और भागवत गीता, डाय पेन व उसकी मांग की गई थी उसे भी माना गया है। उन्होंने कहा कि आज कोर्ट के अंदर एक अजीब सी स्थिति बनी हुई थी, जिसमें सीबीआई के वकील ने कहा कि आप हमारी निंदा करते हैं और हमारी निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने यह मान लिया है कि मनीष सिसोदिया के पास कुछ नहीं है। प्रक्रिया के तहत 10 मार्च को जमानत आवेदन पर सुनवाई है। उन्होंने कहा कि मनीष जी ने कोर्ट में जो मांगें रखीं उन्हें मान लिया गया है।

इस बीच, अरविंद केजरीवाल और पात्रा चॉल घोटाला मामले में कुछ समय पहले ही जेल से भाजपा ब्रेकर भाजपा के प्रवक्ता संजय राउत का कहना है कि मोदी सरकार आलसी तरीके से शासन कर रही है।

Show More

Saurabh Namdev

| PR Creative & Writer | Ex. Technical Consultant Govt of CG | Influencer | Web developer
Back to top button
<p>You cannot copy content of this page</p>