
नई दिल्ली: गोविंद नामदेव (गोविंद नामदेव) ने ‘बैंडिट क्वीन’, ‘विरासत’, ‘सरफरोश’ और ‘सत्या’ जैसी फिल्मों में विलेन का रोल निभाकर दर्शकों के मन में लुक भर दिया था। वे प्रेम चोपड़ा, अमरीश पुरी जैसे सितारों के बीच अपनी अलग पहचान बनाने में कामयाब रहे। वे अपनी पहली फिल्म दर्शकों का दिल जीतते आ रहे हैं। गोविंद नामदेव मध्य प्रदेश के सागर में रहने वाले हैं। उनके पिता भगवान के अक्षरों के कपड़े सिलने का काम करते थे जो उनका एक पुश्तैनी काम था। गोविंद के पिता जब रामायण का पाठ करते थे, तब वे भी शौक से गाते और मंजीरा के बजाय करते थे।
गोविंद को महात्मा गांदी की जीवनी पाठ के बाद महान विभूतियों के बारे में इतनी तीव्र इच्छा जानने के लिए कि वे सरोजिनी सैयद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे बड़े लोगों की जीवनी पढ़ डाली और उनके बनने का प्रण किया। वे तब 8वीं कक्षा में थे। उनके मन में यह बात बैठ गई कि अगर सक्सेसफुल होना है, तो दिल्ली जैसे बड़े शहर में जाकर शोर मचाएंगे। उन्हें दिल्ली में अपने दोस्तों के रिश्ते के बारे में पता चला। उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी और दिल्ली के लिए निकल पड़े।
जीवन में कुछ बड़ा करना चाहते थे गोविंद नामदेव
गोविंद ने ठान लिया था कि वे जो कुछ भी करेंगे, उसमें 100 प्रतिशत होंगे। वे दिल्ली के 14 स्कूलों के जोन में 8वीं कक्षा की पढ़ाई में अव्वल आए। उन्हें स्कॉलरशिप मिली, जिससे उनकी आगे की पढ़ाई आसानी से हो गई। खबरों की वजह, तो उन्होंने अभिनेता बनने के बारे में नहीं सोचा था, पर वह कुछ बड़ा करना चाहते थे जिससे उनकी एक पहचान बन गई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गोविंद जब 11वीं कक्षा में थे, तब उन्होंने नौकरी करने की सोची। एक दिन उनकी नजर ‘नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा’ के विज्ञापन पर पड़ी, जिसमें 250 रुपये की स्कॉलरशिप का भी जिक्र था। उन्हें लगा कि इससे उनकी आगे की पढ़ाई हो जाएगी और वे कुछ नई सीख भी लेंगे। उन्होंने फॉर्म भर दिया और वे इसके लिए चुन लिए गए। वे अनुपम खेर और सतीश कौशिक जैसे सितारों के साथ पढ़ाई कर रहे थे, हालांकि मुंबई का रुख करने से पहले उन्होंने अपने अभिनय को जिम्मा को और अच्छे से तराशा।
गोविंद नामदेव ने फिल्मों में कई यादगार रोल निभाए हैं। (फोटो साभार: Instagram@siddharthofficial.19)
‘शोला और शबनम’ ने बॉलीवुड में डेब्यू किया
गोविंद फिल्मों में विलेन के रोल प्लगइन की मंशा से 1990 में मुंबई आए। उन्हें तीन महीने में केतन मेहता की फिल्म ‘सरदार पटेल’ में काम मिला। उस दौरान उनकी मुलाकात पहली बार निहलानी और डेविड के साथ हुई जो ‘शोला और शबनम’ पर काम कर रहे थे। उन्हें इस फिल्म में इंस्पेक्टर का रोल मिला जो उनकी पहली फिल्म साबित हुई।
गोविंद नामदेव ने हर तरह के रोल निभाए
गोविंद ने शुरू में पुलिस के रोल प्लेए, पर टाइपकास्ट होने के डर से वे पुलिस के रोल फ़्लैगिंग से मना करने लगे। दरअसल, ‘शोला और शबनम’ की शूटिंग के दौरान उनके कोस्टार महावीर शाह ने बताया कि वे 32 फिल्मों में इंस्पेक्टर के रोल प्ले कर चुके हैं। उन्हें इसके अलावा कोई दूसरा रोल नहीं मिलता है। गोविंद इस खुलासे से डर गए थे। उन्हें लगा कि कहीं वे चक्कर में न फँस जाएँ। उन्होंने जीपी सिप्पी और राजन कोठारी लोगों की तरह फिल्मों में काम करने से मना किया। लोगों ने उन्हें घमंडी समझा, पर उन्हें अलग-अलग तरह के रोल की तलाश थी जो ‘प्रेम ग्रंथ’ और ‘बैंडिट क्वीन’ से पूरी तरह से जुड़ी हुई थी। इसके बाद, उनकी ख्याति काफी बढ़ गई। उन्होंने सीरियल्स में भी काम किया और बताया कि वे हर तरह के रोल प्लानिंग में सक्षम हैं। वे 30 से अधिक वर्षों से अभिनय की दुनिया में सक्रिय हैं।
ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज न्यूज, सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज वेबसाइट News18 हिंदी|
टैग: बॉलीवुड अभिनेता
पहले प्रकाशित : 02 मई, 2023, 07:30 IST



- लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
- विडियो ख़बरें देखने के लिए यहाँ क्लिक करें
- डार्क सीक्रेट्स की ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
- UNA विश्लेषण की ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें