
पूनम तब 18 साल की थीं
वर्ल्ड कप विवाद पर बोलीं पूनम पांडे: पूनम ने कहा, ‘मैं तब 18 साल की थी और सोच रही थी कि मैं लाइफ में क्या करना चाहती हूं। कुछ बड़ा करना है। मैंने देखा क्रिकेट चल रहा है, वाह बेटा, पूरा इंडिया क्रिकेट स्ट्रीमिंग है। वहा बेटा, पूनम आपको क्रिकेट का नॉलेज है, बिल्कुल नहीं। क्रिकेटर्स का नाम पता है? बिल्कुल नहीं। मुझे कुछ नहीं पता, लेकिन मुझे कुछ करना है। दिए गए एक लिटरेचर और ये बड़ा लिटरेचर, इंडिया को हिल जाएगा। और मैंने वो साहित्य दिया और इंडिया भी जीत गया।’
‘मैं डर गया, अब मेरे घर पर ड्रामा चालू हो गया है और मेरी मां मार रही है’
पूनम पांडे ने आगे कहा, ‘मैं डर गई, अब नहीं समझूंगी। अब मेरे घर पे ड्रामा चालू। मेरी मां मार रही है, मेरे पालने से परेशान हैं कि ये तूने क्या किया।’ पूनम ने कहा, ‘मैं इस बात को स्वीकार करता हूं कि मैंने एक विशेष कॉन्ट्रोवर्सी रचना की है। मैंने अपने ब्यूटिफुल ट्रोल्स, अपने ब्यूटिफुल लोगों के लिए कुछ खास किए। अब मुझे क्या डाकिया चाहिए कि मैं जो एक आउटसाइडर हूं, जो बाहर से आया हूं और मैं इंडस्ट्री में किसी तरह का कोई समझौता नहीं करना चाहता। मैं अपनी सब पर अपनी चीजें चाहता हूं। मैं अपना नाम कमाना चाहता हूं। मैं इसे छोटा, बड़ा, लार्ज, माध्यम के रूप में भी अपना नाम बनाना चाहता हूं। अगर मैं फेल भी होती हूं तो कल को जाऊं मैं ये खुद को कह सकता हूं कि पूनम करता हूं तो की।’
‘मेरे पापा संजय लीला भंसाली नहीं है, लेकिन मेरे पापा वे बड़े हैं’
उन्होंने कहा, ‘तुमने कोशिश करके लोगों को काम करने का संदेश तो दिया। आप अपनी लाइफ में चीजों कीं, आप किसी खास जगह नहीं पहुंचे, हम हाथ पैर मार रहे हैं, हम भाग रहे हैं, हम चीजें करते हैं न लाइफ में। क्योंकि मेरे पापा संजय लीला भंसाली नहीं हैं, लेकिन मेरे पापा उनसे बड़े हैं, क्योंकि उनकी वजह से पूनम पांडे यहां पर बैठी हैं।’



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