
गोंडा समाचार: यूपी के गोंडा से एक प्रेरक तस्वीर सामने आई है। यहां पर पुलिस विभाग में कॉन्स्टेबल मोहम्मद जफर पेड़ के नीचे अपनी पाठशाला में गरीब गरीब बच्चों को पढ़ते हैं। उनका मानना है कि ज्ञान का बंटवारा बढ़ रहा है और अगर उनके प्रयास से किसी का कुछ बुरा हो सकता है, तो बहुत अच्छा है। उनका सिविल ट्वेंटी में जाने का सपना था, लेकिन किसी कारण से उनका सपना पूरा नहीं हो पाया।
कोतवाली कर्नलगंज क्षेत्र के चचरी पुलिस चौकी में रेंट मोहम्मद जफर पुलिस चौकी के बगल में पीपल के पेड़ के नीचे हर रोज ड्यूटी करने के बाद 4 से 5 तक गरीब बच्चे पढ़ते हैं। जिसमें कक्षा 1 से लेकर 10 तक के बच्चे शामिल हैं। गर्मी के मौसम में बच्चों की संख्या होती थी, लेकिन ठंड के कारण लगभग 50 की संख्या में बच्चे सामने आते हैं। मोहम्मद जाफर सभी विषयों पर बच्चों को पढ़ते हैं। ये वो क्षेत्र है जहां से एलिमेंट तटबंध लगभग 10 किलोमीटर दूर है। भारी बारिश और तटबंध के कटने पर यहां बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं।
पेड़ के नीचे मदरसा लगता है
पुलिस की सेवा तो हमेशा 24 घंटे की होती है, लेकिन मोहम्मद जफर को अपनी पुलिस ड्यूटी के बाद जो समय मिलता है उसमें चार से पांच घंटे गरीब बच्चों को पढ़ते हैं। उसके बाद वह अपनी ड्यूटी के लिए जाता है। दोपहर में वो बैंक ड्यूटी भी करते हैं। गोंदा जिले के अंतिम छोर की चचरी पुलिस चौकी के बगल में सीधी पुलिस सर की पाठशाला के पेड़ के नीचे दिखती है। जहां एक घंटे का बच्चा मैथ्स सायन्स सहित अन्य सब्जेक्ट की पढ़ाई करता है। इस पाठशाला में कक्षा एक से 10 तक के बच्चे बड़े होते हैं।
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मानक निर्धारण आए बच्चों ने कहा- पुलिस सर हमको फ्री पढ़ते हैं
वहीं पुलिस कॉन्स्टेबल मोहम्मद जफर की पाठशाला में विशिष्ट निर्णय आए बच्चों का कहना है कि पुलिस सर हमको फ्री हर सब्जेक्ट पढ़ते हैं। वो बहुत अच्छे पढ़ते हैं और कोई पैसा नहीं लेते। हम लोग खुश हैं। वहीं बच्चों के परिजनों ने कहा कि यहां पर चौकी के पास पुलिस सर बच्चों को फ्री में पढ़ते हैं। जिससे हम लोगों को बच्चे नहीं जुड़ते हैं।
वहीं मोहम्मद जफर का कहना है कि अपनी ड्यूटी खत्म करने के बाद वो घूमने के बजाय रोजाना गरीब बच्चों को पढ़ते हैं। यह उनकी पसंद है। विज्ञान से मोहम्मद जफर का सिविल चौदह में जाने का सपना था जो पूरा नहीं हुआ, तो अब वो चाहते हैं कि उनकी पढ़ाई इन बच्चों में कोई भी अगर तय हो जाए तो जफर की ख्वाइश पूरी हो जाएगी। वो रोज़ बेहद लगन से बच्चों को पढ़ते हैं और बच्चे भी तल्लीनता से पढ़ाई करते हैं।
पुलिस कांस्टेबल मोहम्मद जफर ने क्या कहा
मोहम्मद जफर ने कहा, “मैं जनपद महाराजगंज का रहने वाला हूं। मेरी 3 साल पहले पुलिस में पोस्टिंग हुई थी। उसके बाद मेरी कर्नलगंज में फिर से की गई है। मैं चचेरी पुलिस चौकी में एक साल से लगातार हूं। मुझे यहां पर अपनी पुलिस ड्यूटी करने के बाद जो समय मिलता है उसी के आसपास के बच्चों को शिक्षा देता है। उन्होंने कहा क्योंकि यहां के ग्रामीण गरीब हैं। उनका काम केवल 200 रुपये है। वो कैसे अपने घर का भरण पोषण करेंगे और बच्चों को कैसे पढ़ेंगे। मैं बच्चों को शिक्षा देता हूं। मेरी इच्छा थी कि सिविल सर्विस में जाऊं, लेकिन कुछ आर्थिक रूप से सही नहीं था। एक घंटा मुझे देखने से मन शांत रहता है। पढ़ना अच्छा लगता है।”



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