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राहुल गांधी की असम्बद्धता की तुरंत घोषणा की साजिश: आनंद शर्मा

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अटैचमेंट है कि 2019 में चुनावी रैली के दौरान ”सभी चोरों के उपनाम (सरनेम) मोदी क्यों हैं”’ जैसे कमेंट को लेकर दायर मानहानि के दोषियों की गवाहियों में गुजरात के दिवालियापन की एक अदालत ने राहुल गांधी को 23 मार्च को दो साल का रिकॉर्ड दिया था सजा सुनाई।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने सोमवार को कहा कि राहुल गांधी की 24 दिसंबर की सदस्यता से जल्दी में बहिष्कृत होने की घोषणा कर दी गई लक्ष्य की साजिश है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संसद में राहुल गांधी को बोलने का पूरा अधिकार है। अटैचमेंट है कि 2019 में चुनावी रैली के दौरान ”सभी चोरों के उपनाम (सरनेम) मोदी क्यों हैं”’ जैसे कमेंट को लेकर दायर मानहानि के दोषियों की गवाहियों में गुजरात के दिवालियापन की एक अदालत ने राहुल गांधी को 23 मार्च को दो साल का रिकॉर्ड दिया था सजा सुनाई।

उसके अगले ही दिन सुनाई गई सजा सुनाए जाने के दिन से उन्हें सोलहवीं के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया। आधिकारिक प्रेस करार के अनुसार, प्राइम सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिलेंगे शर्मा ने न्यायपालिका पर निर्भरता जताई और कहा कि मुकदमे का फैसला उच्च न्यायालय में नहीं टिकेगा और कांग्रेस पार्टी इसके खिलाफ राजनीतिक और कानूनी लड़ाई लड़ेगी।

बाद में मीडिया से बातचीत में भागीदार सुक्खू ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने का राहुल गांधी का निडर अभियान केंद्रित सरकार के लिए रोड़ा बन रहा था और जिल्द की सदस्यता से उन्हें अयोग्य घोषित करने का फैसला उनकी आवाज को जिम्मेदारी देने का प्रयास है। जिम्मेदारी ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने निष्ठा के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की। उन्होंने कहा कि देश के अगले चुनाव में जनता भाजपा को उचित जवाब देगी। उन्होंने सभी पक्षों से एकता और लोकतंत्र की अपील की।

अस्वीकरण:प्रभासाक्षी ने इस खबर को निराशा नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआइ-भाषा की भाषा से प्रकाशित की गई है।



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Saurabh Namdev

| PR Creative & Writer | Ex. Technical Consultant Govt of CG | Influencer | Web developer
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