
लखनऊ समाचार: उत्तर प्रदेश में बिजली कर्मियों की हड़ताल को लेकर सपा प्रवक्ता व पूर्व एमएलसी सुनील सिंह साजन ने कहा कि भाजपा जो दावा करती है कि प्रदेश में राम राज्य है उसका सच सामने आ रहा है। सरकार के लोग ही सरकार के खिलाफ हैं, सरकारी कर्मचारी अगर सरकार के खिलाफ हैं। उनकी मांग पुरानी पेंशन बहाल कर दी जाती है, सपा लगातार यह बात कह रही है कि पुरानी पेंशन बहाल हो जाने पर उनके हक अधिकार, उनकी आयु का सहयोग है। सपा ने अपने घोषणापत्र में इसे भी रखा था। वह बोनस चाहते हैं, तो जो उनकी मांग है वह निश्चित सरकार क्यों नहीं मानते हैं।
सपा नेता ने कहा, सरकार इसलिए नहीं मान रही क्योंकि वह मनमानी कर रही है, वो तानाशाह हो गया है। सरकार अपने ही कर्मचारियों के खिलाफ है। उन्हें लगता है कि सरकार अब संविधान से चाबुक से नहीं चल सकती है, लेकिन चाबुक से महापुरुषों को नहीं चलाया जा सकता है। अलग-अलग जाली में पहचान हो रही है।
ऊर्जा मंत्री पर रासुका को लेकर साधा फोकस
सुनील सिंह ने कहा कि रासुका लगाने की बात कौन कर रहा है? एके शर्मा कोई नेता या जन नेता नहीं है। वो तो अधिकारी रहे हैं, बाबू रहे हैं, यह भाषा सरकारी बाबुओं की है। किसी नेता के कृपा पात्र ऊर्जा मंत्री हो गए। क्या किसी नेता की ये भाषा हो सकती है? आप रासुका लगाएंगे, लोकतंत्र तो नहीं मानेंगे, लोकतंत्र में कोई अपनी बात नहीं रख सकता, कोई आंदोलन नहीं कर सकता। सच में रासुका भाजपा पर जनता कायम जा रही है। अबकी तो यह 15 साल में वापस आ गए थे लेकिन इस बार जब जनता रासुकाकागी तो 25 साल जनता को उनकी जमानत नहीं होगी।
अप में एनकाउंटर बोलें सवाल
अपराध और एनकाउंटर को लेकर जारी सरकार के आंकड़ों पर भी सुनील सिंह ने तंज कसा. उन्होंने कहा कि बीजेपी की उम्मीद करेंगे कि उनसे बेहतर झूठ कोई परोस नहीं सकता। संगति उनसे बेहतर कोई नहीं दे सकता। अगर यह कहें कि 10,000 से ज्यादा लोग एनकाउंटर कर दें तो वे भी जुड़ जाएंगे जो पुलिस कस्टडी में मारे गए, जो कस्टोडियल डेथ हो गई, तो 25,000 कर देंगे। फर्जी फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। अगर विरोध में कानून व्यवस्था ठीक हो जाती है तो दिनदहाड़े लोग क्यों मारे जा रहे हैं, बेटियों से बलात्कार क्यों हो रहा है, जमीन पर कब्जा क्यों किया जाता है और रंगदारी क्यों जा रही है। इसलिए क्योंकि यूपी में जो टॉप टेन अपराधी हैं उनमें से कम से कम 7-8 अपराधी ऐसे हैं जिन्हें स्वयं योगी सरकार संरक्षण दे रही है।
सुनील सिंह ने कहा कि बीजेपी, समाजवादी पार्टी की ताकतों को समझ रही है, अखिलेश यादव की रणनीति इसलिए उनके पेट में दर्द है। 2022 में अगर पूरे चुनाव को देखें तो सिर्फ 3.50 लाख वोट बीजेपी के पास ज्यादा है, वह भी तब जबकि अघोषित रूप से बसपा उनके साथ थी। वो जानते हैं कि जो ताना-बाना अखिलेश यादव बना रहे हैं उसी ताने-बाने से देश की गद्दी 2024 में हम बीजेपी से छा गए हैं। इसलिए वह सब नजर रखते हैं कि अखिलेश यादव कहां जा रहे हैं, किससे मिल रहे हैं।
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