
आईआईएमसी के खुलासों ने कहा कि महात्मा गांधी के स्वच्छता मिशन के पीछे उनकी व्यापक सोच थी। इसी से प्रेरणा लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वच्छता के साथ ही पोषण पर भी समान रूप से जोर दे रहे हैं।
नई दिल्ली। इंडियन जन कम्युनिकेशंस संस्थान (आईआईएमसी) में सैमवार को स्वच्छता पखवाड़े की शुरुआत करते हुए कई समर्थक। संजय द्विवेदी ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छता का विशेष महत्व है। स्वच्छता बच्चे से व्यक्ति मुक्त रोग रहता है और एक स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देता है। प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में स्वच्छता अपनानी चाहिए और अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। इस अवसर पर, जिम्मेदार सदस्यों, अधिकारियों और कर्मचारियों को स्थान का शपथ भी दिया गया।
16 से 31 जनवरी के बीच आयोजित होने वाले स्वच्छता पखवाड़े का शुभारंभ करते हुए प्रो. द्विवेदी ने कहा कि स्वच्छता हमारे जीवन में सुख, शांति और सफलता लेकर आती है। हमारा कर्तव्य और दायित्व है कि हम अपने आसपास से अधिक से अधिक स्वच्छता बनाए रखें। प्रो. द्विवेदी ने कहा कि यह स्वच्छता, हमारे व्यवहार में ही नहीं, बल्कि हमारी सोच में भी दिखाई देने वाला है। जिस प्रकार हम अपने शरीर की स्वच्छता पर ध्यान देते हैं, उतना ही हमें अपने पढ़ने की स्वच्छता पर भी ध्यान देना चाहिए। इससे हमारा मन प्रफुल्लित रहेगा और हमारे आंतरिक सकारात्मक ऊर्जा संचार होंगे।
प्रो. द्विवेदी के अनुसार स्वच्छ भारत अभियान में हमारी सफलता प्राप्त करें हमारी, कार्यप्रणाली और हमारी व्यवस्थाएं आज पूरे विश्व के लिए प्रेरणादायक हैं। भारत अपनी नई योजनाओं और पर्यावरण के लिए गंदगी के माध्यम से दुनिया को कई लोगों से शिकायत में मदद कर रहा है। आज हमारी पीढ़ी के सामने यह अवसर है कि हम दूसरी तरफ से एक पूर्णतः स्वच्छ भारत का निर्माण करें। ‘स्वच्छ भारत’ की झलक पर ही ‘स्वस्थ भारत’ और ‘समृद्ध भारत’ का निर्माण होगा।
आईआईएमसी के खुलासों ने कहा कि महात्मा गांधी के स्वच्छता मिशन के पीछे उनकी व्यापक सोच थी। इसी से प्रेरणा लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वच्छता के साथ ही पोषण पर भी समान रूप से जोर दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति गंदगी को स्वीकार नहीं करता है और उसे साफ करने के लिए प्रयास करता है, तो उसकी चेतना भी ज्ञात हो जाती है।
इस स्थिति पर आईआईएमसी ने आशंका जताते हुए संस्थान के विभिन्न सम्मिलन का दौरा किया और स्वच्छता संबंधी भ्रमक निर्देश दिए। कार्यक्रम में प्रो. धरणी गोस्वामी, प्रो. वीरेंद्र कुमार भारती, प्रो. प्रमोद कुमार, डॉ. पवन कुंडल, डॉ. मीता उज्जैन, डॉ. रचना शर्मा, डॉ. प्रतिभा शर्मा, ऋतेश पाठक एवं डीएस नेगी उपस्थित रहे।



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