
एएनआई
मिग 21 को 1964 में भारतीय सेना में शामिल किया गया था। इसे सोवियत संघ द्वारा निर्मित किया गया था। मिग 21 फाइटर जेट की तरह ही भारत ने पाकिस्तान की धज्जियां उड़ाई थीं।
आज से तीन साल पहले फरवरी के महीने में कोटबाला स्ट्राइक का बदला लेने के लिए भारत की वायुसीमा में घुसे पाकिस्तान कंपिटिटिव को हमारे वायुयोद्धाओं ने खदेड़ दिया। इसी दौरान विंग कमांडर अभिनंदन ने पुरानी तकनीक वाले मिग 21 से पाकिस्तान के एफ-16 को मार गिराया। वैसे तो भारत के पास कई लड़ाकू विमान हैं लेकिन ज्यादातर मौकों पर मिग-21 का इस्तेमाल हो रहा है। इसे भारत का सबसे पुराना फाइटर जेट माना जाता है। IAF के नं 28 स्क्वाड्रन ने पहले सुपरसोनिक्स के नाम से भी प्रसिद्ध भारतीय कनेक्टिविटी में अपनी 60 साल की सेवा पूरी कर ली है। स्मरणोत्सव के हिस्से के रूप में वायु सेना प्रमुख वायु प्रमुख मार्शल वीआर चौधरी और पश्चिमी वायु कमान के वायु अधिकारी कमांडिंग-इन-चीफ, एयर मार्शल पीएम सिन्हा ने 14 मिग-29 गठन वाले एक बल के साथ उड़ान भरी। यह मिग-21 से कम होने वाला पहला वर्ग था। वायु सेना प्रमुख ने 2001 से 2003 तक स्क्वाड्रन की कमान संभाली, जो अब पंजाब के आदमपुर में स्थित है। स्क्वाड्रन की वायु रक्षा और आक्रामक भूमिका है।
मिग 21 को 1964 में भारतीय सेना में शामिल किया गया था। इसे सोवियत संघ द्वारा निर्मित किया गया था। मिग 21 फाइटर जेट की तरह ही भारत ने पाकिस्तान की धज्जियां उड़ाई थीं। भारत ने रूस से इस विमान को अनुक्रम पर संबंध करने का अधिकार और तकनीक हासिल की थी। उस वक्त तक लेकर अब तक इस विमान ने 1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध, 1999 के कारगिल युद्ध सहित कई महत्वपूर्ण मौकों पर अहम भूमिका निभाई है। रूसी मूल का मिग-21 बाइसन भारत के छह फाइटर जेट्स में से एक है।
इसकी कीमत क्या है
ये सिंगल इंजन, सिंगल सीट मल्टी रोलर फाइटर और ग्राउंड अटैक एयरक्राफ्ट है। इसकी अधिकतम गति 2230 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसमें 23MAm डबल बेड कैनन (तोप) लगी है। इसमें चार आर-60 कम दूरी तक मार करने वाली मिसाइल भी होती है। टाइप-77, टाइप-96 और बीआईएस बाइसन का नया संस्करण है। आईएएफ के 100 से अधिक मिग-21 को बाइसन में नवीनीकरण किया जाता है।
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