
जहानाबाद: बिहार के पूर्व एवं हम सुप्रीमो जीतन राम मांझी (जीतन राम मांझी) अपने अलहदा राय के लिए दिशानिर्देश में बने रहें। वे एक बार फिर से शराबबंदी को लेकर अपनी समस्याएं पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि शराबबंदी तब सफल होगी जब लोगों के बीच जागरूकता पैदा होगी। जब तक लोग सचेत नहीं होंगे तब तक शराबबंदी सफल नहीं होता है। बिहार के विभिन्न जेलों में 80 से 90 हजार से अधिक गरीब गुरबा बंद है। साथ ही उपमहापौर पद के लिए चुनाव लड़ने वाली अपनी बेटी को लेकर कहा कि अगर उनकी बेटी को जीत मिलती है तो यहां जो भी लोग जेल में बंद हैं, उन्हें निकालने की कोशिश करेंगे।
बेटी को जिताएंगे तो जेल से लोग बाहर आएंगे
उन्होंने कहा कि शराबबंदी से सबसे अधिक परेशानी गरीब पेट और लंगड़े हो रही है। वे उपमहापौर पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं अपनी बेटी को लेकर भी एक बड़ा बयान दिया है। कहा कि अगर उप महापौर के पद पर जीत हासिल होती है तो जो लोग शराबबंदी कानून के तहत जेल में बंद हैं उन लोगों को मैं जेल से निकालने का प्रयास करूंगा। इसे लेकर उन्होंने ट्वीट करने की भी बात कही है। पूर्व जीतन राम मांझी जहांाबाद में राज्यसभा के अलग-अलग सांसद प्रसाद ओर किंग की पहली पुण्यतिथि में शिरकत करने पहुंचे थे।
शराबबंदी को लेकर मांझी की राय
इस क्षेत्र में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर, जदयू सांसद चंदेश्वर चंद्र वंशी, एवं भाजपा विधान पार्षद शर्मा सहित कई विधायक, पूर्व विधायक और पूर्व विधायक पार्षद सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। बता दें कि शराबबंदी को लेकर मांझी निवर्तमान कुमार का समर्थन नहीं कर रहे हैं। उनका भी यही कहना है कि बिहार में शराबबंदी सफल नहीं है। गरीब लोगों को जेल में डाला जा रहा है। शराब माफिया रंंग रहे हैं। उदर, बीजेपी भी लगातार सक्रिय पर हमलावर है।



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