
भिंड रिश्वतखोरी समाचार: मध्य प्रदेश के भिंड में रिश्वतखोरी चरम पर है। यहां लगातार एक के बाद एक रिश्वतखोर अधिकारी और कर्मचारियों का पता लगाकर ट्रेस किए जा रहे हैं। इसके बाद भी यहां पर जोखिमखोरी के मामले का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला भिंड (भिंड) के गोहद कस्बे का है। यहां के एक पंचायत सचिव को दो हजार रुपये की रिश्वत लेने वाले लोकायुक्त पुलिस ने रंगे गिरफ्तार कर लिया है।
शौचालय निर्माण के लिए मांगे थे रुपये
दरअसल, अंतर्जातीय पंचायत के आने वाले गांव आलोरी का पूरा रहने वाले वीर सिंह अपने घर में शौचालय का निर्माण करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने पंचायत सचिव रसाल सिंह तोमर से संपर्क किया। यहां पर पंचायत सचिव ने पहले तो ऑनलाइन आवेदन के नाम पर उन्हें पांच सौ रुपये ले लिए। इसके बाद जब उनका शौचालय बनकर तैयार हो गया तो बैंक खाते में पैसे डालने के एवज में पंचायत सचिव दो हजार रुपये की रिश्वत की मांग करने लगा। इसके बाद पीड़ित वीर सिंह ने अज्ञानी लोकायुक्त को मामले की शिकायत की.
15 सदस्यीय टीम पहुंच रही थी
अजनबी के लोकयुक्त डीएसपी प्रद्युम्न पराशर ने बताया कि लोकायुक्त को मिली शिकायत के बाद सबसे पहले उसका सत्यापन किया गया। सत्यापन में सही पाया गया। इसके बाद मंगलवार की दोपहर लोगों की भीड़ के 15 सदस्य टीम डीएसपी प्रदुमन परशर के नेतृत्व में गोहद पहुंचे।
रुपये खाते ही टीम ने कहा धवा
उन्होंने बताया कि लोकायुक्त टीम ने पंचायत सचिव के खिलाफ वहां जाल बिछाया, जैसे कि पीड़ित वीर सिंह से रिश्वत लेने की रकम लेने लगा तो तुरंत टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। गोहद कस्बे में स्थित सर्वोदय स्कूल के पास दो हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए सभी लोकायुक्त टीम ने पंचायत सचिव रसाल सिंह तोमर को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पंचायत सचिव को गोहद थाने में ले जाकर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
यह भी पढ़ें: एमपी पॉलिटिक्स: सीएम शिवराज की चाल से टूटी उमा भारती का खेल? इस मुद्दे का हल निकाला गया



- लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
- विडियो ख़बरें देखने के लिए यहाँ क्लिक करें
- डार्क सीक्रेट्स की ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
- UNA विश्लेषण की ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें