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सदियों से सूर्य को नमन करने की प्रथा यूं ही चली आ रही है। ऊर्जा का स्त्रोत माना जाने वाले सूर्य को नमन करने वाले इस योग को सर्वश्रेष्ठ योग की श्रेणी में रखा गया है। दरअसल, सूर्य की पहली किरणों के साथ ही अघर्य देकरोच्चारण का मंत्र है। क्या आप जानते हैं कि सूर्य नमस्कार (सूर्य नमस्कार) 12 तरह के योगा पोज़िज़ को मिलाकर पूर्ण होता है। जो शरीर हमारी और दिमाग को स्वस्थ रखने का काम करता है। आइए जानते हैं सूर्य नमस्कार (सूर्य नमस्कार) को करने के स्टेप्स और इसके फायदों के बारे में (Benefits of Surya Namaskar) ।
गंगूबाई काठियावाड़ी (गंगूबाई खटियावाड़ी) और आरआरआर की सफलता से फिल्म जगत में अपनी अलग पहचान बनाने वाली आलिया भट्ट (आलिया भट्ट) ने सन सेल्युटेशन (सूर्य नमस्कार) यानी सूर्य नमस्कार में एक रिकार्ड कायम रखा है। वास्तव में, बाद में
अगर वेटलॉस (वजन कम करना) करने के बाद उन्होंने सूर्य नमस्कार के 108 राउंड पूरे किए। सेलिब्रिटी योगा ट्रेनर अनुष्का परवानी के गाइडेंस में आलिया भट्ट (Alia Bhatt) ने इस मकाम को हासिल किया है। चेहरे पर हम दम स्माइली रखने वाली आलिया की वर्कआउट और योग करते हुए कई फोटोज सोशल मीडिया पर वायरल होती रहती है। फिटनेस (फिटनेस) को लेकर बेहद सतर्क रहने वाली आलिया बहुत जल्द रॉकी और रानी की प्रेम कहानी फिल्म में नजर आएंगी।

1. रेसपिरेटरी सिस्टम को संतुलित बनाए रखता है
योग के दौरान सांस लेने और लौटने की प्रक्रिया फेफड़ों को कमजोर बनाती है। इससे लंग्स पर अधिक दबाव नहीं आता है और वो रिलैक्स रहते हैं। सूर्य नमस्कार के 12 योग रेसपिरेटरी सिस्टम का संतुलन करने का काम करता है।
2.डाइसाइजेशन को एक्टिवेट करें
इससे पाचन तंत्र खराब हो जाता है और पेट संबन्धी अभिग्रहण से राहत मिलती है। भूख न लगने की समस्या दूर हो जाती है। साथ ही कब्ज से भी राहत मिलती है।
3.शरीर में संख्याएँ बढ़ रही हैं
पचास की उम्र के बाद शरीर नीचे गिरता, उठता और बैठने में थोड़ी तकलीफ होने लगती है। दरअसल, शरीर में स्टिफनैस बढ़ने लगती है। ऐसे में शरीर में मोटापा बढ़ाने के लिए नियमित व्यायाम जरूरी है। यदि आप दिनभर काम करते हैं और ठीक से पढ़ाते हैं। ऐसे में सूर्य नमस्कार आपके कमर दर्द और पीठ दर्द की समस्रू से राहत शिकायत है।
4.वजन को करें कंट्रोल
सूर्य नमस्कार आपके लिए अत्यधिक लाभ होता है। इसे करने से शरीर के सभी अंगों पर ज़ोर पड़ता है और शरीर की अनावश्यक चर्बी आप कम होने लगता है।
5. हड्डियाँ गहरी होती हैं
सूरज की रोशनी से मिलने वाला विटामिन डी बोन को स्ट्रेस प्रदान करता है। इसके अलावा हड्डियों से जुड़ी बीमारियों से भी आप दूर हो जाते हैं।
6. नींद न आने की परेशानी दूर
इसे करने से नींद न आने की परेशानी दूर हो जाती है। दरअसल इन आसनों को करने में तन और मन दोनों को शांति का अनुभव होता है। जब शरीर पूरी तरह से रिलेक्स हो जाता है और याद रखता है तो ऐसे में अच्छी नींद आती है। इससे शरीर में हैप्पी हार्मोन जारी किए गए हैं।

7.बाल झड़ना की समस्या से मुक्ति
नियमित योग करने से शरीर में रक्त सर्कुलेशन प्रमाणीकरण हो जाता है। इससे न सिर्फ चेहरे पर निखार बढ़ता है बल्कि एक्ने की समस्या भी खत्म हो जाती है। साथ ही निरतंर बालों के झड़ने की समस्या से राहत देता है। सूर्य नमस्कार के विभिन्न आसन समय से पहले सफेद हो रहे हैं बालों की परेशानी पर फिक्स भी लगाने का काम करते हैं।
8. पीरियड्स की समस्या दूर होगी
सूर्य नमस्कार हमारे शरीर को एकिव और ऊर्जा से भरपूर रखता है। ये ऐसी जिज्ञासा ग्लैंड को स्टिम्यूलेट करने का काम करते हैं। इसके अलावा नियमित सूर्य नमस्कार की प्रैक्टिस से महिलाओं को विशिष्ट मासिक धर्म चक्र को नियमित करने और नाराजगी के समय में मदद करता है। साथ ही चेहरे को चमकदार बनाने में मदद करता है और समय से पहले ही झुर्रियों को झड़ना शुरू कर देता है।
प्राणायाम, आसन, ध्यान और जप को मिलाकर होने वाला सूर्य नमस्कार एक मूल व्यायाम है। वाह लाइफ की फाइंडर और योग प्रेक्टिशनर सुमिता गुप्ता ने वीडियोशॉट्स को सूर्य नमस्कार के स्टेप्स और इससे होने वाले फायदों की जानकारी दी। आइए जानते हैं, इसे करने का तरीका।
आइए जानते हैं 12 आसनों को जोड़कर सूर्य नमस्कार करने की विधि को स्टेप बाय स्टेप
1 प्रणामसन
इसके लिए आप दोनों पैरों के पंजों को जोड़कर स्ट्रेट ब्रेक हो जाएं। की ओर सांस लें। इसके बाद दोनों हाथों को मिलाकर प्रणाम की मुद्रा में भिन्नता है।
2 उद्र्वहस्तउत्नासन
अगर प्रणाम की मुद्रा में ही पीठ को पीछे की ओर झुकाएं। हाथों को सिर के उपर से पीछे की ओर ले जाएं।
3 पादहस्तासन
अब ब्रैथ रिलीज करते हुए हाथों से दोनों पैरों को छूते हैं। इसके बाद सिर से घुटनों को छूएं।
4 अश्व संचालनासन
अब राइट स्कूटी को मोड़ें और बाएं पैर को पीछे की ओर ले जाएं। पीछे की ओर सीधे पैर रखें और सिर उपर लें।
5 पहाड़ासन
अब दोनों हाथ पीछे की ओर ले जाएं। हाथों को बांधें और पुशअप्स की पॉजिशन लें।
6 अष्टांगनमनासन
अब सिर, नाक और घुटने समेत सभी अंग चरमराने लगते हैं।
7 भुजंगासन
अब दोनों हाथों को जमने पर टिकाते हुए सिर को पीछे की ओर ले जाएं।
8 पर्वतासन
इसमें दोनों पैरों और हाथों को जमीन पर टिकाएं। कमर को उपर की ओर उठाएं।
9 दक्षिण अश्व संचालनासन
अब बाएं घुटने को मोड़ें और दाएं पैर को पीछे की ओर खीचें। इस आसन में सिर उपर की ओर रहेगा।
10 पादहस्तासन
अब सांस की स्थिति होते हुए रुकें। दोनों हाथों से पैरों को पकड़ें और घुटने के बीच सिर को टिका दें।
11.हस्तोत्तानासन
अब स्ट्रेट ब्रेक हो जाएं और दोनों हाथों को नमस्कार की मुदा में पीछे की ओर ले जाएं।
12 नमस्कार मुद्रा
अब दोनों हाथों को जोड़कर और आंखों को खराब करके सीधे रैक हो जाएं। फिर सूर्य नमस्कार करें।
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