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इंडियन क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने 2023 से पहले सभी फ्रेंचाइजियों को भारतीय अनुबंधित खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर विशेष निर्देश दिए हैं। सभी टीमों के खिलाड़ियों पर ज्यादा बोझ नहीं डाला गया है ताकि आगामी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप और विश्व कप 2023 के लिए खिलाड़ी तैयार रहें। बता दें, पिछले कुछ समय में टीम इंडिया के कई खिलाड़ी चोटिल हुए हैं जिसके बाद ब्राजीलियाई खिलाड़ियों के वर्कलोड को लेकर बहस चल रही थी।
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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार सभी फ्रेंचाइजियों को यह निर्देशित जूम कॉल दिया गया है। इस सिगरेट में बैंगलोर में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) में फिजियोथेरेपिस्ट नितिन पटेल और टीम इंडिया के स्ट्रेंथ और कोच सोहम देसाई मौजूद थे।
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इसके अलावा घटनाक्रम आगामी विश्व कप 2023 के लिए फिर उन 20 खिलाड़ियों को लेकर भी चिंतित है, वह उम्मीद कर रहे हैं कि उनमें से किसी खिलाड़ी को चोट नहीं लगेगी।
सिक्किम के दौरान बोर्ड मोहम्मद सिराज (रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर), मोहम्मद शमी (गुजरात टाइटन्स), शार्दुल ठाकुर और उमेश यादव (कोलकाता नाइट राइडर्स), दीपक चाहर (चेन्नई सुपर किंग्स), कुलदीप यादव और एक्सर पटेल (दिल्ली कैपिटल), रविचंद्रन अश्विन और युजवेंद्र चहल (राजस्थान रॉयल्स), और भुवनेश कुमार, उमान मलिक और वाशिंगटन सुंदर (सनराइजर्स हैदराबाद) जैसे समुद्र तटों पर पैनी नज़र।
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यूनेस्को के अधिकारियों ने इस मुद्द पर कहा,’फ्रेंचाइजियों को कहा गया है कि भारतीय टीम के समुद्री यात्रियों को सावधानी से उपयोग करें। वर्किंग वर्कर्स को उनके नेट्स पर बहुत मेहनत नहीं करनी है। वे स्ट्रेंथनिंग और प्रशिक्षण पर अधिक ध्यान केंद्रित करेंगे। खिलाड़ी फील्डिंग का अभ्यास कर सकते हैं लेकिन मई के पहले सप्ताह तक। उन पर दबाव न बनाएं। मई के पहले हफ्ते के बाद जो खिलाड़ी रेस में होते हैं वे धीरे-धीरे नेट्स में स्लोइंग का टाइम बढ़ा सकते हैं। सभी फ्रेंचाइजियों के संपर्क में रहेंगे।



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