
उदयपुर पिता ने बेटी को उतारा मौत के घाट कहते हैं कि कन्याएं देवी का रूप होती हैं और यही कारण है कि हिंदू धर्म में नवरात्रि पर कन्याओं की पूजा होती है, लेकिन एक पिता ने नवरात्रि के दो दिन बाद ही अपनी लदान साल की मासूम बच्ची की हत्या कर दी। खुलासा होने के बाद पुलिस ने पड़ोसी के पिता को गिरफ्तार कर लिया है। ऐसा कहा जा रहा है कि पत्नी ने अपनी दो और बेटियों को ननिहाल भेज दिया था, जिससे उन्हें भी जान से मार पड़ी।
बिना बताए बेटी को अपने साथ घर ले गए
यह मामला डूंगरपुर जिले के धंबोला पुलिस थाना क्षेत्र के सबसे बड़े गांव के मालन फला का लिखा है। थानाधिकारी हजारीलाल मीणा ने बताया कि सीता पत्नी नरेश ने थाने में रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट में उसने बताया था कि 28 मार्च की सुबह वह अपने सास सुसुर के साथ खेत में कटी हुई थी। इस दौरान घर में उनकी तीन बेटी और पति मौजूद थे। शाम को 4 बजे के करीब जब वह खेतों से लौटकर घर पर आई तो पति नरेश व छोटा बेटा कृष्णा घर पर नहीं थे। इस पर सीता ने सोचा कि उनके पति उनकी बेटी को लेकर कहीं घूमने जाएंगे।
घर लौटा तो साथ में नहीं थी बेटी
रात को 8 बजे जब उसका पति घर आया तो उसके साथ उसकी बेटी नहीं थी। जब सीता ने अपनी बेटी कृष्णा के बारे में पूछा तो उसके पति ने कहा कि वह उसके दोस्त के घर पर है और उससे मिलने की बात देश से वह सो गई। सीता सुबह होने पर वापस अपने पति से कृष्णा के बारे में पूछती है तो उसने कहा कि उसके पास पेट्रोल के पैसे नहीं है इसलिए वह अभी कृष्णा को नहीं ला सकती। इस पर सीता ने गाड़ी में पेट्रोल भरवाने के लिए अपने पति को 200 रुपए दिए लेकिन इसके बाद भी उसका पति नरेश शाम तक कृष्णा को लेकर घर नहीं लौटा।
सबके सामने कबूल की हत्या की बात
इसके बाद कुछ शक होने पर सीता अपनी दोनों बेटियों को अपने मायके लेकर चली गईं। 30 मार्च को जब नरेश सीता को लेने सुसुराल संदेश तो फिर उससे कृष्णा को लेकर सवाल किया गया, जिस पर उसने बताया कि उसने कृष्णा को मारी नदी में फेंक दिया। उनकी बात सुनकर हर कोई होश उड़ गया। इसके बाद सीता ने अपने पति के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने ऑयर नदी ने कृष्णा का शव भी बरामद किया। पुलिस पूछताछ में घटना ने हत्या की बात कबूल कर ली।
पुलिस पूछताछ में हत्या का कारण बताया
सीता और नरेश की 11 साल पहले शादी हुई थी। दो बेटियों के बाद जब लदान साल पहले तीसरी बेटी हुई तो नरेश पूरी तरह बदल गए। उसे बेटे की चाह थी। नरेश काम करता था और उसकी तीसरी बेटी से इतना द्वेष करता था कि उसे गोद में भी नहीं लेता था। शराब पीने से वह अपने घर में भी आहत हुआ था। पुलिस पूछताछ में नरेश ने कहा कि शुरू से बेटे की इच्छा थी। दोनों बेटियों के होने के बाद वह यह उम्मीद करके बैठ गया कि इस बार लड़का होगा, लेकिन उसकी लड़की हो गई। फिर उसे गुस्सा आ गया और मौका ही मिल गया कि उसने अपनी बेटी का गला दबा कर उसे मार दिया।
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