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अफगानिस्तान के बाद अब पाकिस्तान को दिया जाएगा बंद! आक्षेपों ने हलकान किया

प्रतीकात्मक फोटो- इंडिया टीवी हिंदी

छवि स्रोत: पीटीआई
सांकेतिक तस्वीर

नई दिल्ली। ताबड़ तोड़-फोड़ के हमलों ने पाकिस्तान को हलकान कर दिया है। पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में स्थित पुलिस मुख्यालय पर शुक्रवार को संभावित घातक आतंकवादी हमले को भी तालीबानी ने देखा था। पाकिस्तान तालिबान ने एक संक्षिप्त बयान जारी कर इस हमले की जिम्मेदारी ली है। कई घंटे की शूटिंग और धमाकों की आवाज से कराची का मेन मार्केट दहल उठा। सरकारी अधिकारियों और दक्षिणी सिंध प्रांत के प्रमुख पुलिस सेवक नबी मेमन ने कहा कि इस हमले में तीन सुरक्षा आकांक्षी और एक नागरिक की मौत हो गई, जबकि 18 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। कराची दक्षिणी सिंध प्रांत के तहत आता है। अधिकारियों ने कहा कि बम से दो आत्मघाती हमलावरों को मार गिराया गया, लेकिन पुलिस की इमारत में घुसने पर कम से कम एक फिदायीन ने खुद को विस्फोट कर उड़ा लिया।

मगर अब यह सवाल है कि पाकिस्तान पाकिस्तान पर इतने हमले क्यों कर रहा है, अफगानिस्तान के बाद क्या पाकिस्तान की हुकूमत भी उसके हाथ में लेने का सपना है। पाकिस्तान ने अभी अभी सुरक्षा समाधान शुरू कर दिया है। सरकार के एक सलाहकार मुर्तजा ने पुष्टि की है कि पुलिस और मोर्चा फोर्स ने एक संयुक्त अभियान के तहत शुक्रवार देर रात हुए हमलों के तीन घंटे के भीतर पुलिस की इमारतों को खाली कर दिया। वहाब ने कहा, ”मैं पुष्टि करता हूं कि एजेंसी के खिलाफ अभियान अब समाप्त हो गया है।” राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने एक बयान जारी कर कराची में हमलों की निंदा की जो पाकिस्तान का प्रमुख वाणिज्यिक शहर है। प्रधान मंत्री शाहबाज सरफराज ने सुरक्षा संबंधी आशंकाओं को लेकर श्रद्धांजलि दी है। इसकी पहली टीवी फुटेज में दिखाया गया था कि शहर में सेंट्रल पुलिस थाने के अधिकारी शिकायत कर रहे हैं क्योंकि निवासियों की शूटिंग और विस्फोट की आवाज आने की सूचना दी गई थी।

पाकिस्तान के पुलिस मुख्यालय में घुसना चाहते थे

पाकिस्तान के आंतरिक गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह खान ने कहा कि कुछ ईमेल ने हैंड ग्रेनेड (हथगोले) फेंके क्योंकि वे पुलिस मुख्यालय में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे। पाकिस्तान में नवंबर के बाद से हमलों को प्रभावित किया गया है जब पाकिस्तान सरकार ने महीनों तक प्रतिबंधों को रोकने के लिए संघर्ष विराम समझौता तोड़ा दिया था। पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान एक अलग समूह है और इसे अफगानिस्तान के आतंकवादी समूह का तथाकथित सहयोगी माना जाता है।

तहरीक-ए-तालिबान को पाकिस्तान तालिबान के नाम से जाना जाता है। कराची के पुलिस प्रमुखों के दावों पर पाकिस्तान के कानून प्रवर्तन एजेंसियां ​​और सिंध पाकिस्तान सरकार के दावों पर हमलों के मामले में गंभीर सुरक्षा विफल का ‘ऑडिट’ मामला। शुक्रवार को स्थानीय समय के अनुसार रात 7:10 बजे घटी जब तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के आतंकवादी देश के सबसे अधिक आबादी वाले शहर में स्थित पांच मंजिला करची पुलिस कार्यालय में घुस गए। पाकिस्तान के पुलिस कमांडो और अर्द्ध सैनिक बलों के सील के साथ टीटीपी में तीन आतंकवादी मारे गए और चार अन्य लोगों सहित तीन सुरक्षा अधिकारी भी मारे गए।

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Saurabh Namdev

| PR Creative & Writer | Ex. Technical Consultant Govt of CG | Influencer | Web developer
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