
डोमेन्स
‘द कश्मीर फाइल्स’ की निर्माता विवेक अग्निहोत्री ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया।
जिनमें वाई-श्रेणी के सुरक्षा कवर के साथ काम करते देखा जा सकता है।
अग्निहोत्री ने कहा कि उन्हें कश्मीर में ‘हिंदुओं के नरसंहार’ की झलक दिखाई दे रही है।
नई दिल्ली। ‘द कश्मीर फाइल्स’ (द कश्मीर फाइल्स) फिल्म के निर्माता-निर्देशक विवेक अग्निहोत्री (विवेक अग्निहोत्री) ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है। जिनमें वाई-श्रेणी के सुरक्षा कवर के साथ काम करते देखा जा सकता है। निर्देशक ने कहा कि उन्हें कश्मीर में ‘हिंदुओं के नरसंहार’ को सिनेमा के पर्दे पर दिखाने की वजह से कमी आ रही है। विवेक अग्निहोत्री द्वारा निर्देशित अपनी फिल्म कश्मीर फाइलों का जिक्र कर रहे थे, जो 90 के दशक में कश्मीर घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन पर आधारित है। उन्होंने लिखा कि ‘कश्मीर में हिंदू के नरसंहार दिखाने के लिए उसकी कीमत चुकानी पड़ी है। एक हिंदू बहुसंख्यक देश में। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, हा!’ #ImprisonedInOwnCountry #Fatwa
हालांकि इस वीडियो को सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना का भी सामना करना पड़ा। क्योंकि कुछ नेटिजेंस ने उन पर सभी कवर हासिल करने के लिए जनता के टैक्स के पैसे का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। एक उपयोगकर्ता ने लिखा कि ‘कीमत इस देश के आम टैक्सपेयर चुकाए जा रहे हैं और आप उनकी ओर से दिए गए पैसे से अपनी भ्रम का प्रदर्शन कर रहे हैं। आपको कोई सुरक्षा का खतरा नहीं है। और अगर है तो आप निजी शर्तों को क्यों नहीं रखते हैं। आप जनप्रतिनिधि नहीं हैं। अपने विलास के लिए भुगतान करें।’
कश्मीर में हिंदुओं के नरसंहार को दिखाने की कीमत चुकानी पड़ती है। एक हिंदू बहुसंख्यक देश में।
अभिव्यक्ति की आज़ादी, हा! #ImprisonedInOwnCountry #फतवा pic.twitter.com/9AZUdbTyca– विवेक रंजन अग्निहोत्री (@vivekagnihotri) 23 दिसंबर, 2022
ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज न्यूज, सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज वेबसाइट News18 हिंदी|
टैग: सुरक्षा कवच, द कश्मीर फाइल्स, द कश्मीर फाइल्स स्टोरी, विवेक अग्निहोत्री
प्रथम प्रकाशित : 24 दिसंबर, 2022, 12:57 IST



- लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
- विडियो ख़बरें देखने के लिए यहाँ क्लिक करें
- डार्क सीक्रेट्स की ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
- UNA विश्लेषण की ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें