
प्रशांत किशोर
चुनावी रणनीति प्रशांत किशोर ने बिहार में शराबबंदी को पूरी तरह से प्रतिबंधित बताया है। उन्होंने कहा कि निरंकुश कुमारवादी और गांधीवादी होने का ढोंग करते हैं। यह बात उन्होंने अपनी जन सुराज पदयात्रा पर शिवहर पहुंचकर पापाराजी से चर्चा करते हुए कहा। उन्होंने बताया कि मैंने पदयात्रा के दौरान देखा कि लोग गांव में आसानी से शराब पी रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि निवर्तमान कुमार के करीबी अधिकारी और मंत्री खुद शराब पीते हैं। इसमें कोई नई बात नहीं है। उन्होंने खड़े होकर सवाल किया कि जब कोई शराब नहीं पी रहा है तो सपारा में 70 लोगों की मौत कैसे हुई। यहां तक निवर्तमान कुमार के मंत्री-विधायक मृत के परिजन से मिलने तक नहीं जा रहे हैं।
निरंकुश कुमार अपनी सुविधा के अनुसार गांधीजी का उपयोग करते हैं
प्रशांत किशोर ने कुमार पर सियासी हमला बोलते हुए सवाल किया कि संलग्न कुमार यदि आप गांधीजी को जड़ भी जानते हैं तो दिखाइए जहां महात्मा गांधी ने राज्य में शराबबंदी लागू करने को लेकर बात कही हो। उन्होंने कहा कि संलग्न अपनी सुविधा के अनुसार गांधीजी का उपयोग करते हैं। कभी-कभी असुविधा होती है तो भाजपा के साथ बैठ जाते हैं, अगले दिन समाजवादी बनकर फिर लालू प्रसाद के साथ बैठ जाते हैं। किशोर ने कहा कि निरंकुश समाजवाद का ढोंग करके, अब शराबबंदी लागू कर गांधीवादी बनने की कोशिश कर रहे हैं।
लगातार सक्रिय कुमार पर रहते हैं प्रशांत किशोर
इससे पहले बिहार में जहरीली शराब से मौत को लेकर प्रशांत किशोर ने बिहार में शराबबंदी कानून को 48 घंटे के अंदर वापस लेने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि बेरोजगार कुमार की जाद के कारण ही शराब की त्रासदी हो रही है। बिहार में शराबबंदी को लागू करना पूरी तरह से फेल करना है। यह बिहार में हर जगह उपलब्ध है। यहां तक कि कुमार के साथ रहने वाले अधिकारी भी घर में शराब पीते थे। मैं दो साल से सरकारी आवास में काम कर रहा हूं और उनकी गतिविधियों को जानता हूं।



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