
पंजाब खबर: अजनाला हिंसा के बाद पंजाब में बदले हालात को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह सोमवार को एक बैठक की। इस बैठक में शामिल होने के लिए पहले ही 60 से 70 सिख संगठनों को न्यौता भेजा गया था। इस बैठक में शामिल होकर सिख संगठन का कहना है कि पंजाब सरकार की ओर से 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है कि अगर पकड़े गए सिख युवाओं को रिहा नहीं किया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
‘सिखों को बदनाम किया जा रहा है’
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह का कहना है कि एक योजना के तहत सिखों को बदनाम किया जा रहा है। वहीं आपको बता दें कि इस बैठक में किसी राजनीतिक दल को बुलावा नहीं भेजा गया था। सिर्फ सिख धार्मिक संगठनों और बुद्धिजीवियों को इस मीटिंग में बुलाया गया था। इस बारे में ज्ञानी हरप्रीत सिंह का कहना है कि यदि बैठक में राजनीतिक दृष्टिकोण को बुलाया जाता है तो बैठक का राजनीतिकरण हो जाता है, जो अब के हालात को देखते हुए ठीक नहीं है।
SGPC ने सिख युवाओं की कानूनी लड़ाई लड़ी है
इस बैठक के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने जिन सिख युवाओं को गिरफ्तार किया है, उनकी कानूनी एसजीपीसी लड़ेगी, इसके लिए सिख युवाओं को एसजीपीसी से संपर्क करने के लिए कहा गया है। उसी के साथ धामी ने कहा कि सिख युवाओं का हाई कोर्ट में भी उठाया जाएगा। धामी ने राष्ट्रीय चैनलों पर भी कानूनी कार्रवाई की बात कही है, उनका कहना है कि सिखों को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं हर बात को ऊंचा करके दिखाया जा रहा है इसलिए उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने पहले भी अमृतपाल सिंह को सरेंडर करने का सुझाव दिया था।
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